अग्नि राक्षस के अंत के बाद इस देश में मनाई गई थी होली, जानिए कथा

होली का त्यौहार बहुत से लोगो को पसंद होता है क्योंकि ये वो त्यौहार होता है जो रंगो से सजा होता है। वही इस बार होली बुधवार, 8 मार्च, 2023 को मनाई जाएगी तथा 7 मार्च को होलिका दहन होगा। वही हम सभी ये बात जानते हैं कि होली रंगों का त्यौहार है। होली के दिन सभी दुश्मन भी आपस में दोस्त बन जाते हैं। ऐसे में होली का त्यौहार एक प्राचीन त्यौहार है। इस त्यौहार से संबंधित एक पौराणिक कथा है जो होलिका के जलने की है मगर इसी प्रकार चीन में भी एक कथा प्रचलित है जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं। 

कथा:-  प्राचीन वक़्त में एक अग्नि राक्षस ने 'चिंग हुग' नाम के गांव की उपजाऊ कृषि भूमि पर कब्जा कर लिया। राक्षस विलासी एवं भोगी प्रवृत्ति का था। उसकी छह खूबसूरत पत्नियां थीं। उसके बाद भी उसने चिंग हुग गांव की एक खूबसूरत लड़की का अपहरण करके उसे सातवीं पत्नी बना लिया। लड़की खूबसूरत होने के साथ वाक्पटु और बुद्धिमति थी। उसने अपने रूप-जाल के मोहपाश में राक्षस को ऐसा बांधा कि उससे उसी की मृत्यु का रहस्य जान लिया। रहस्य यह था कि यदि राक्षस की गर्दन से उसके लंबे-लंबे बाल लपेट दिए जाएं तो वह मृत्यु को प्राप्त हो जाएगा।

वही एक दिन अनुकूल मौका पाकर लड़की ने ऐसा ही किया। राक्षस की गर्दन उसी के बालों से सोते में बांध दी। इन्हीं बालों ने उसकी गर्दन काटकर धड़ से अलग कर दी। लेकिन वह अग्नि- राक्षस था। इसलिए गर्दन कटते ही उसके सिर में आग प्रज्ज्वलित हो उठी तथा सिर धरती पर लुढ़कने लगा। यह सिर लुढ़कता हुआ जहां-जहां से गुजरता वहां-वहां आग प्रज्ज्वलित हो उठती। इस वक़्त साहसी और बुद्धिमान लड़की ने हिम्मत से काम लिया तथा ग्रामीणों की सहयता लेकर पानी से आग बुझाने में जुट गई। आखिरकार बार-बार प्रज्ज्वलित हो जाने वाली अग्नि का क्षरण हुआ तथा धरती पर लगने वाली आग भी बुझ गई। इस राक्षसी आतंक के अंत की खुशी में ताएं जाति के लोग आग बुझाने के लिए जिस पानी का इस्तेमाल कर रहे थे, उसे एक-दूसरे पर उड़ेल कर झूमने लगे। फिर हर साल इस दिन होली मनाने का सिलसिला चल निकला।

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