दूषित पानी सप्लाई के मामले में चार सदस्यों की कमेटी का गठन

बिलासपुर : शुक्रवार को दूषित पानी सप्लाई करने के मामले में चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन और जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की डीबी में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. कोर्ट ने दूषित पानी सप्लाई के मामले में अधिकारियों से कहा है कि दूषित पानी की समस्या गंभीर है, आप लोग ही बताएं कि इसका हल क्या हो सकता है. इस मामले में अधिकारियों को चार जुलाई तक रिपोर्ट पेश करना होगी. 

दअरसल दूषित पानी सप्लाई के मामले में रायपुर निवासी मुकेश देवांगन ने  हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. याचिकर्ता का कहना है कि दूषित जल कि वजह से  उसकी पत्नी सहित अन्य को पीलिया हुआ. नागरिकों शुद्ध पानी समेत मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना शासन का दायित्व है. इसी के बाद स्थिति में सुधार नहीं होने के बाद  इस मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को  राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन व राष्ट्रीय हेल्थ मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, रायपुर नगर निगम के अधिकारी को चीफ जस्टिस की डीबी में उपस्थित होने के लिए कहा था. 

वहीं अधिकारियों कहना है कि शुध्द पानी उपलब्ध करने कि दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. अधिकारियों ने इस मामले में चीफ जस्टिस को जानकारी दी की गंदे पानी की समस्या से निपटने के लिए बैठक हुई है. 

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