भारी बारिश से महाराष्ट्र में जन - जीवन अस्त व्यस्त

मुंबईः पिछले कई दिनों से पश्चिमी महाराष्ट्र में हो रहे भारी बारिश से वहां जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे, सतारा, सोलापुर, सांगली और कोल्हापुर जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों में अब तक बाढ़ से प्रभावित 1.32 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पुणे के संभागीय आयुक्त डॉ. दीपक म्हैसकर ने कहा कि सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें दोनों जिलों में बचाव अभियान चला रही हैं और बुधवार शाम तक एनडीआरएफ की छह और टीमों को कोल्हापुर भेजा जाएगा।

बीते सात दिनों में पश्चिमी महाराष्ट्र से बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं में 16 मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी बांधों के पानी में वृद्धि होने के कारण पानी ओवरफ्लो हो रहे हैं और मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक लगातार बारिश होने की भविष्यवाणी की है। इधर, कोल्हापुर के रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर संजय शिंदे ने कहा कि ‘342 पुल पानी में डूबे होने के कारण उन्हें यातायात के लिए बंद कर दिया गया हैं। म्हैसकर ने कहा कि बचाव कार्य में 45 से अधिक नावों को लगाया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा कि प्रभावित लोगों की मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों के साथ बचाव और राहत कार्यों के लिए नौसेना, थल सेना, वायु सेना और तट रक्षकों को भी तैनात किया गया हैं। बता दें कि इन दिनों देश के कई हिस्से भारी बारिश से बाढ़ के चपेट में हैं।

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