ब्लैक फंगस को हरियाणा सरकार ने घोषित किया नोटिफाइड डिजीज, अब हर मामले पर रहेगी नज़र

चंडीगढ़: हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने ब्लैक फंगस को नोटिफाइड डिजीज (अधिसूचित रोग) घोषित कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट करते हुए इस बारे में जानकारी दी है। सूबे में ब्लैक फंगस के कई केस सामने आ चुके हैं। अब नए मामले मिलने पर डॉक्टर जिले के CMO को रिपोर्ट करेंगे। PGI रोहतक के वरिष्ठ चिकित्सक इस संबंध में वीडियो कांफ्रेंस करेंगे और ब्लैक फंगस के उपचार को लेकर विचार विमर्श करेंगे।

राज्य में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की परेशानी और बढ़ा दी है। कोरोना से रिकवर होने के बाद अब ऐसे मरीजों की तादाद बढ़ रही है, जिन्हें शुगर है और उन पर ब्लैक फंगस ने हमला बोल दिया है। बीते एक हफ्ते में पीजीआई रोहतक में सबसे अधिक ऐसे केस सामने आए। PGI में लगभग 20 ऐसे केस आए। इनमें से कुछ लोगों की आंख चली गई तो किसी का कान। वहीं, दो लोगों की मौत हो चुकी हैं। इसके बाद करनाल मेडिकल कॉलेज में भी दो ऐसे मरीजों की शिनाख्त की गई, जिनको फंगस इंफेक्शन हो गया है।  

इससे पहले हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने मांग की थी कि सरकार डॉक्टरों की एक प्रदेश स्तरीय समिति गठित करे जो पूरे राज्य के जिलों के हालात पर निगाह रखे। ऐसे मरीजों की शिनाख्त कर उन्हें जल्द से जल्द इलाज मुहैया कराया जाए। सरकार ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों के उपचार और दवाइयों का पूरा खर्च उठाए। यह और भी चिंताजनक है कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक ऐसा कोई डाटा नहीं है कि हरियाणा के किस जिले में ब्लैक फंगस के कितने मामले पाए गए हैं। इस बीमारी के उपचार में उपयोग होने वाला सवा दो हजार का इंजेक्शन छह हजार में बिक रहा है।

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