जीवन खो देने के बाद भी यह 27 वर्षीय शख्स आठ लोगों के लिए बना फरिश्ता

तिरुवनंतपुरम : अंगदान करने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है और उन्हें नया जीवन दान मिल सकता है. केरल से हाल ही में एक मामला सामने आया है. केरल में सत्रह जुलाई को ब्रेन डेड एलान कर दिए गए सताइस वर्षीय व्यक्ति अनुजीथ की पत्नी प्रिंसी और बहन अजल्या ने अनुजीत की मौत के बाद उनके अंगों को दान करने के बाद 8 लोगों के लिए उद्धारकर्ता बना दिया.  

दरअसल, अनुजिथ चौदह जुलाई को केरल के कोल्लम जिले के कोट्टारकारा के पास एक बाइक दुर्घटना में घायल हो गए थे. उन्हें गंभीर स्तिथि में कोटरकारा तालुक हॉस्पिटल ले जाया गया और बाद में तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर कर दिया गया. केरल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में दो एपनिया टेस्ट के जरिए उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया. अजाल्या और प्रिंसी ने 8 व्यक्तियों के जीवन को बचाने के लिए उन्होंने अनुजीथ के  गुर्दे, आंखें, दिल, छोटी आंत और हाथ दान करने की पहल की.

बता दें की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने दुख के इस समय में इस मानवीय कदम को उठाने के लिए फैमिली की सराहना की. मंत्री ने अनुजिथ के फैमिली के प्रति संवेदना भी जाहिर की है. अंग दान प्रदेश सरकार के केरल साझाकरण संगठन के लिए 'मृथासंजीवनी' के जरिए से किया गया था. अनुजिथ का दिल थ्रिपुनिथुरा के मूल निवासी सनी थॉमस (55) को दान कर किया गया. जो की कोच्चि के लिसी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं. इसके अलावा हाथ और छोटी आंत के रिसीवर का इलाज अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में चल रहा है. जानकारी के लिए बता दें की सीएम के निर्देश अनुसार , प्रदेश सरकार द्वारा रेंट पर लिए गए पवन हंस एएस 35 दाउफिन हेलीकॉप्टर ने मंगलवार को एर्नाकुलम के हयात होटल से अनुजिथ के अंगों को इकट्ठा करने के मिशन को अंजाम दिया.

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