कोरोना फैलाने की फिराक में कई आतंकी, भारत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

पीएम मोदी ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 3 मई तक लॉकडाउन किया है. वही, कोरोना वायरस से संक्रमित कई आतंकी जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने की फिराक में पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में तैयार बैठे हैं. जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि कोविड-19 से पैदा हुए हालात के बीच पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आइएसआइ मिलकर अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के रास्ते आतंकियों की घुसपैठ कराने की हर संभव साजिश रच रही है. इसके लिए पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में स्थित सभी आतंकी ट्रेनिंग कैंप और लांचिंग पैड फिर सक्रिय कर दिए गए हैं. इनमें जो आतंकी बैठे हैं, उनमें से कई कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे​ कि उपराज्यपाल जीसी मुर्मू के सलाहकार आरआर भटनागर की मौजूदगी में सुरक्षा परिदृश्य और कोविड-19 से संबंधित गतिविधियों पर वीडियो कांफ्रेंस में मंगलवार को घाटी के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से दिलबाग सिंह ने कहा कि हमें पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है. हाल ही में आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना की महामारी से लड़ रही है और पाकिस्तान व उसके इशारे पर चलने वाले आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर में लोगों की जिंदगी को नरक बनाने के लिए हर संभव साजिश बनाने लगे हैं. बेशक हम सभी का ध्यान लोगों को कोरोना से बचाने में लगा है, लेकिन हमें सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह मजबूत बनाए रखना है. इसमें चूक की गुंजाइश नहीं हैं.

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अपने बयान में उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना, आइएसआइ और आतंकी संगठनों ने गुलाम कश्मीर और पाकिस्तान में स्थित ट्रेनिंग कैंपों और लांचिंग पैड को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है. पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी के रास्ते आतंकियों को भेजने के लिए मौका तलाश रहा है. साथ ही, एक रिपोर्ट के मुताबिक इन आतंकी कैंपों व लांचिंग पैड पर मौजूद कई आतंकी कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हो चुके हैं. पाकिस्तान में भी कोरोना का कहर है, लेकिन वह अपने लोगों को इससे बचाने के बजाय हमारे इलाके में आतंकवाद को शह देने में लगा हुआ है. पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई बैठक में आइजीपी कश्मीर विजय कुमार मौजूद थे, जबकि अन्य सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंस से हिस्सा लिया.

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