तिब्बतियों पर अपने दलाई लामा को थोपने का प्रयास कर रहा है चीन, अब अमेरिका करेगा विरोध

वॉशिंगटन. भारत का पड़ोसी देश चीन भले ही अपने आप को कितना ही आधुनिक और धर्म निरपेक्ष देश बताता फिरता हो लेकिन उसकी असली हकीकत अब धीरे-धीरे पूरी दुनिया के सामने आने लगी है. पिछले कुछ दिनों से इस देश से लगातार ऐसी रिपोर्ट्स आ रही है जिसमे पता चलता है  कि चीन की सरकार अपने देश में अल्पसंख्यकों और खासकर के उइगर मुस्लिमों के साथ कितना भेदभाव करती है.

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उइगर मुस्लिमों के मानवाधिकारों का उलंघन करने के बाद अब चीन की सरकार तिब्बत के लोगों पर अपने दलाई लामा को थोपने का प्रयास कर रही है. इसका मतलब यह हुआ कि चीन अब अगले दलाई लामा का निर्णय खुद करना चाहता है और इसके लिए तिब्बतियों पर दबाव भी डाल रहा है. लेकिन अब इस मामले में जल्द ही अमेरिका भी उतर सकता है क्योंकि अमेरिका ने हाल ही में इस मामले के विरोध में बयान देते हुए कहा है कि चीन की सरकार तिब्बत के लोगों पर अपने  दलाई लामा को थोपने की कोशिश कर रही है जबकि शीर्ष बौद्ध नेता के उत्तराधिकारी का चुनाव केवल और केवल धार्मिक परम्पराओं के मुताबिक होना चाहिए और सरकार को इन मामलों में दखल नहीं देना चाहिए.

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आपको बता दें कि वर्तमान दलाई लामा की उम्र अभी 83 वर्ष है और जब वह केवल दो वर्ष के थे तब उन्हें तिबत के शीर्ष लामाओं ने दलाई लामा घोषित किया था. वे फिलहाल भारत में रह रहे हैं.

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