टिकटों को लेकर बीजेपी में बगावत के स्वर उभरे

गाँधी नगर : जैसा कि हर चुनाव में होता है कि जिन लोगों को टिकट नहीं मिलते वे बागी तेवर अपनाते हैं. ऐसे ही दृश्यों से गुजरात में भाजपा को रूबरू होना पड़ा.शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते ही पार्टी के भीतर से बगावत के स्वर प्रकट हो गए.नेताओं की नाराजगी इतनी बढ़ी कि अमित शाह को हस्तक्षेप करना पड़ा.

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार शाम से ही पार्टी में इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो गया.अंकलेश्वर विधानसभा सीट पर भाई ने ही अपने भाई के टिकट का विरोध किया.भरुच जिला पंचायत के सदस्य वल्लभ पटेल .दशरथ पुवार ने जिला भाजपा महामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.वड़ोदरा में भी दिनेश पटेल बागी हो रहे हैं. वडोदरा जिला महामंत्री चैतन्य सिंह झाला के अलावा पादरी जिला पंचायत और तहसील पंचायत के नेता कमलेश पटेल ने भी पार्टी छोड़ दी है.

उधर, कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए भोलाभाई गोहिल इसलिए नाराज हैं क्योंकि पार्टी ने उनपर भरोसा नहीं किया .गोहिल ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग भी की , लेकिन इस सीट से भरत बोगरा को टिकट दे दिया.  वहीँ इस बार भाजपा ने 70 में से मात्र चार महिलाओं को ही टिकट दिए हैं.सुरेंद्र नगर जिले से विधायक वर्षा बेन दोशी का पत्ता काट दिया है.गोधरा से कांग्रेस से भाजपा में आए सीके राऊलजी को उम्मीदवार बनाया है. विद्रोह के स्वरों को रोकने के लिए अमित शाह शुक्रवार देर रात तक गुजरात भाजपा कार्यालय में रहे. अब इसमें वे कितने सफल होंगे यह तो वक्त बताएगा.

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