अजमेर ब्लास्ट मामला: सबूतों के अभाव में असीमानंद बरी

नई दिल्ली। वर्ष 2007 के अजमेर बम धमाके के मामले में 9 अभियुक्त में से 3 को दोषी करार दिया गया है। इनमें जहां देवेंद्र गुप्ता का नाम शामिल है वहीं सुनील जोशी और भावेश का नाम भी शामिल है। जबकि बम धमाके के मामले में कार्रवाई का सामना करने वाले स्वामी असीमानंद और चंद्रशेखर लेवे को बरी कर दिया गया है। गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2007 को अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर बम धमाका हुआ था इस धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 15 लोग घायल हो गए थे। इस बम धमाके के लिए दरगाह में दो रिमोट बम लगाए गए थे। हालांकि घटना के दौरान एक ही बम फटा था।

इस मामले में पहले राजस्थान एटीएस ने कार्रवाई की थी । वर्ष 2010 में देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा और चंद्रशेखर लेवे को पकड़ लिया गया था। वर्ष 2011 में गृह विभाग ने इस मामले को नोटिफिकेशन जारी किया और जांच एनआईए को सौंप दी गई थी।  जिसमें एनआईए ने चार्जशीट दायर की थी। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा को भी जांच के दायरे में लेने की बात कही गई थी

लेकिन न्यायालय में यह बात सामने आई थी कि साध्वजी प्रज्ञा को लेकर कोई मामला नहीं बनता है। अब साक्ष्य के अभाव में स्वामी असीमानंद को छोड़ दिया गया।गौरतलब है कि इस मामले में दोषी करार दिए गए सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। अब इस मामले में सजा को लेकर 16 मार्च की तारीख तय की गई है। 

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