केजरीवाल बोले- पंजाब में बनना चाहिए धर्मान्तरण विरोधी कानून, दिल्ली में इसी मुद्दे पर चुप्पी

अमृतसर: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अब धर्मांतरण पर बात कर रहे हैं। पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में वोटर्स को लुभाने के लिए केजरीवाल जालंधर पहुंचे हुए हैं। यहाँ केजरीवाल ने कहा कि प्रलोभन देकर या जबरन कराए जा रहे धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया जाना चाहिए।

जालंधर में उद्योगपतियों और व्यापारी समाज के लोगों के साथ मीटिंग के दौरान सीएम केजरीवाल ने कहा कि धर्म एक व्यक्तिगत मामला है और देश में हर किसी को अपनी आस्था के मुताबिक, धर्म या भगवान मानने का अधिकार मिला हुआ है। इसमें जबरदस्ती नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती या प्रलोभन देकर करवाए जा रहे धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून बनना चाहिए, मगर इसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। बता देें कि दिल्ली में भी जब जबरन धर्मांतरण की घटनाएँ सामने आती है, तो विश्व हिंदू परिषद (VHP), केजरीवाल से दिल्ली में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने की माँग करता है। 

हालाँकि, सीएम केजरीवाल ने दिल्ली में इस संबंध में कानून बनाने को लेकर कभी कुछ नहीं कहा, मगर पंजाब में विधानसभा चुनावों को देखते हुए उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून की जरूरत बता दी। VHP का कहना है कि यूपी की योगी सरकार द्वारा धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने के बाद कई लोग दिल्ली को सुरक्षित जगह मानकर इसका उपयोग धर्मांतरण के लिए कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि दिल्ली में धर्मांतरण और लव जिहाद के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिनके खिलाफ कानून बनाने की जरुरत है।

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