नवरात्रि के व्रत में ये करें महिलाऐं, नहीं होगी परेशानी

यूॅं तो आश्विन मास की नवरात्रि में श्रद्धालु देवी शक्ति की आराधना में लीन रहते हैं, इस दौरान कुछ लोग निराहार रहकर व्रत करते हैं, तो कुछ लोग देवी माॅं की आराधना में विभिन्न स्त्रोत का वाचन, श्रवण, मनन और कई मंदिरों में पूजन करते हैं। इस दौरान बड़े पैमाने पर गरबों का आयोजन भी होता है। मौजूदा समय में गरबों के ये आयोजन गुजरात ही नहीं देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में होने लगे हैं। मध्यप्रदेश में भी गरबों की धूम मची हुई है। महिलाऐं और युवतियाॅं गरबों के आयोजन में बढ़चढ़कर भागीदारी करती हैं।

अधिकांश महिलाऐं तो दिन में व्रत रखती हैं और शाम को गरबा पांडालों में पहुॅंचती हैं। गरबों के ये आयोजन देर रात तक चलते हैं। मगर कई बार महिलाऐं और युवतियाॅं व्रत के दौरान अपने खान - पान का ध्यान नहीं रखती हैं। जिसके चलते उन्हें तरह - तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार युवतियों और महिलाओं को दिन में पड़ने वाली तेज़ धूप में निकलना पड़ जाता है ऐसे में निर्जल और निराहार रहने के कारण उन्हें डिहाईड्रेशन की मुश्किल हो सकती है, उनके शरीर में आवश्यक तत्व कम हो सकते हैं।

कुछ महिलाओं व युवतियों को एसिडीटी से परेशानी भी हो सकती है। इसके लिए आवश्यक यह है कि पर्याप्त मात्रा में फलाहार लिया जाए। महिलाऐं और युवतियाॅं सुबह नाश्ते के समय यदि दूध व केले का सेवन करें तो अधिक उपयुक्त होगा। दिन में भी उन्हें फलाहार करना चाहिए। फलाहार में सेवफल, चीकू का शेक, पपीते और अनार का सेवन अधिक उपयुक्त रहता है। आमतौर पर तेल से निर्मित फरियाली खाद्य सामग्री का सेवन कर लिया जाता है लेकिन व्रत वाले दिन इसका सेवन करना नुकसानदायक भी हो सकता है। ऐसे में फलाहार बेहद उपयुक्त होगा।

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