घर बनाने से पहले इस वजह से भूमि में दबाएं जाते हैं चांदी के शेषनाग

आप सभी इस बात से वाकिफ होंगे कि जब भी भूमि पर किसी चीज का निर्माण किया जाता है तो उससे पहले भूमि पूजन किया जाता है. ऐसे में भूमि पूजन करने के बाद ही निर्माण कार्य की शुरूआत करते है. अगर हम शास्त्रों को माने तो बिना भूमि पूजन के अगर जमीन पर कुछ बनाया जाए तो उसका फल शुभ नहीं माना जाता है इस कारण से पूजन बेहद ही जरूरी कहते हैं. वहीं अगर शास्त्रों को माने तो जमीन के नीचे पाताल लोक होता है और इसके स्वामी शेष नाग हैं, इस कारण भूमि पूजन करते समय जमीन के अंदर कलश के साथ शेष नाग की चांदी की मूर्ति को दबाया जाता है. जी हाँ, दरअसल पौराणिक ग्रंथों के अनुसार हमारी पृथ्वी शेष नाग के फन पर टिकी हुई है और शेष नाग इसकी रक्षा करते हैं.

वहीं शास्त्रों में शेष नाग का उल्लेख करते हुए एक श्लोक लिखा गया है जो यह है कि - ''शेषं चाकल्पयद्देवमनन्तं विश्वरूपिणम्. यो धारयति भूतानि धरां चेमां सपर्वताम्..'' इस श्लोक के अनुसार इन परमदेव ने विश्वरूप अनंत नामक देवस्वरूप शेष नाग को उत्पन्न किया, जिन्होंने पर्वतों के साथ-साथ इस पूरी पृथ्वी को और भूतपात्र में धारण किया हुआ है. हजार फनों वाले शेष नाग सभी नागों के राजा हैं और भगवान की शय्या बनकर सुख पहुंचाने वाले, उनके अनन्य भक्त हैं. विष्णु भगवान के अवतारों के साथ जन्म लेकर उनकी लीला में उनका साथ देते हैं.

केवल इतना ही नहीं भगवान कृष्ण ने श्रीमद्भागवत के 10 वे अध्याय के 29वें श्लोक में शेष नाग का जिक्र करते हुए कहा है कि ''जिस तरह से शेष नाग अपने फन पर पूरी पृथ्वी को धारण किए हुई हैं. वैसे ही मेरे इस घर की नींव भी प्रतिष्ठित किए हुए चांदी के नाग के फन पर पूरी मजबूती के साथ स्थापित रहे, शेष नाग क्षीरसागर में रहते हैं.''

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