एम्स में इलाज होगा महंगा,वित्त मंत्रालय ने दी सलाह

नई दिल्ली : आम आदमी के लिए यह चिंता बढ़ाने वाली खबर है किअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स ) में इलाज की फीस बढ़ाने की कवायद चल रही है और इस बात की सलाह खुद वित्त मंत्रालय ने दी है.बता दें कि पिछले 20 सालों से एम्स में शुल्क नहीं बढ़ा है.

मिली जानकारी के अनुसार एम्स ने सरकार से संस्थान के बजट में लगभग 300 करोड़ रुपये की मांग की थी.इस पर वित्त मंत्रालय ने ही पर्चा बनवाने से लेकर तमाम तरह की जांच और इलाज की फीस बढ़ाने की सलाह दे दी.एम्स के उपनिदेशक वी. श्रीवास्तव ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि संस्थान की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई थी और शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.

बता दें कि वर्षों पूर्व भी एम्स में शुल्क बढ़ाने के लिए बात हुई थी, लेकिन खुद डॉक्टरों के विरोध के चलते फैसले को टाल दिया गया. 1996 से एम्स के शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.एम्स फ़िलहाल सभी शुल्कों से 101 करोड़ रुपये इकट्ठा कर पाता है.वित्त मंत्रालय का तर्क है कि 20 सालों के दौरान लोगों की आमदनी में भी वृद्धि हुई है, इसलिए शुल्क बढ़ाने से लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

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