काली पूजा में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से उच्चतम न्यायालय ने किया इंकार

नई दिल्ली: वायु प्रदूषण को लेकर इस समय सभी राज्य चिंतित है। ऐसे में दिल्ली में पटाखों को जलाने पर बैन लगा दिया है। अब इसी बीच काली पूजा के अवसर पर पश्चिम बंगाल में पटाखों की बिक्री और इनके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगने के बारे में कहा जा रहा था। वहीं इस मामले को उच्चतम न्यायालय में भी लाया गया लेकिन उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ़ साफ़ मना कर दिया है। न्यायालय ने साफ़ यह कह दिया है कि, 'कोरोना वायरस महामारी के दौरान जीवन बचाना अधिक महत्वपूर्ण है।'

इस दौरान न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी शामिल रहे। दोनों की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि, 'यद्यपि पर्व महत्वपूर्ण हैं लेकिन इस समय महामारी के दौर में ‘जीवन ही खतरे में है।' जी दरअसल शीर्ष अदालत इस मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के पांच नवंबर के आदेश के खिलाफ गौतम रॉय और बड़ाबाजार फायरवर्क्स डीलर्स एसोसिएशन की अपील पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान हस्तक्षेप करने से साफ़ मना कर दिया गया है। आपको बता दें कि कलकत्ता में काली पूजा का पर्व शनिवार को मनाया जाने वाला है।

वहीं पीठ ने कहा कि, 'हम सभी इस स्थिति में जिंदगी के लिये संघर्ष कर रहे हैं और हम सभी के घरों में वृद्धजन हैं। इस समय हम ऐसी स्थिति में हैं जहां जिंदगी बचाना अधिक महत्वपूर्ण है और उच्च न्यायालय जानता है कि वहां पर किस चीज की जरूरत है।' इसी के साथ पीठ ने यह भी कहा कि 'उच्च न्यायालय ने नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के हितों का ध्यान रखा है जो शायद बीमार हों।'

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