इस मंदिर में पत्नी संग विराजमान हैं श्री हनुमान, जानिए उनके विवाह की पौराणिक कथा

हर साल मनाया जाने वाला हनुमान जन्मोत्सव का पर्व इस साल आज यानी 16 अप्रैल को मनाया जा रहा है। कहा जाता है हजानुमान जी ब्रह्मचारी रहे और उन्होंने कभी विवाह नहीं किया लेकिन उनका विवाह भी हुआ था। जी हाँ, सुनकर आपको आश्चर्य होगा लेकिन यह सच है। जी दरअसल हनुमान के विवाह से जुड़ी एक बेहद रोचक कथा पराशर संहिता में है। इस कथा के अनुसार भगवान हनुमान का विवाह हुआ था। केवल यही नहीं बल्कि उनका एक मंदिर भी मौजूद हैं और इस मंदिर में वह अपनी पत्नी के साथ विराजमान हैं। जी हाँ और इस मंदिर में उनके वैवाहिक रूप में उनकी पूजा की जाती है। अब हम आपको बताते हैं उनके विवाह से जुडी कथा।

पौराणिक कथा- पौराणिक कथा के अनुसार हनुमान जी सूर्व देव से विद्या हासिल कर रहे थे। सूर्य देव के पास 9 विद्याएं थीं। सूरज ने उन्हें 9 में से 5 विद्याएं सीखा दी, लेकिन बाकी बची विद्याओं को हासिल करने के लिए विवाहित होना जरूरी था। इसके बिना वह ये विद्याएं प्राप्त नहीं कर सकता थे। तब हनुमान जी के सामने परेशानी खड़ी हो गई। वे बाल-ब्रह्मचारी थे। इस समस्या का सूर्य देव ने हल निकाला। उन्होंने अपनी शक्ति से एक कन्या को जन्म दिया। जिसका नाम सुर्वचला था। सूर्य देव ने बजरंगबली को कहा कि ने सुर्वचला से शादी कर लें। सूर्य देव ने कहा कि सुर्वचला से विवाह के बाद भी हनुमान ब्रह्मचारी रहेंगे, क्योंकि शादी के बाद सुर्वचला तपस्या में लीन हो जाएगी। पवनपुत्र से विवाह के बाद सुर्वचला तपस्या में चली गई। इस तरह श्रीराम भक्त के ब्रह्मचर्य में कोई रुकावट नहीं आई। 

आप सभी को बता दें कि हनुमान और उनकी पत्नी सुर्वचला का मंदिर तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित है। जी हाँ और यह दुनिया में एकमात्र मंदिर है, जहां भगवान हनुमान अपनी पत्नी के साथ विराजमान हैं। कहा जाता है इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि जो भक्त बजरंगबली और उनकी पत्नी सुर्वचला के दर्शन करता है, उसके वैवाहिक जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इसी के साथ ही परिवार में प्रेम बना रहता है।

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