रिपोर्ट: पेगासस विवाद के उपरांत इजराइल का बड़ा निर्णय, नहीं करेगा ये काम

नई दिल्ली: NSO कंपनी के हैकिंग टूल को लेकर हुए विवाद  के उपरांत इजरायल ने अपनी साइबर निर्यात नीति में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है. अब इजरायल ने साइबर तकनीक खरीदने की अनुमति प्राप्त देशों की सूची में काफी हद तक कटौती की है.  NSO के विरुद्ध Apple सहित बड़ी टेक कंपनियों ने मुकदमा  दर्ज कर दिया है. साथ ही NSO पर उनके कस्टमर का डेटा भी जोखिम में डालने का इल्जाम लगाया है.

 जहां इस बात का पता चला है कि इजरायली साइबर टेक आयात करने वाले देशों की तादाद 102 से कम कर केवल 37 हो चुकी है. खबर है कि मैक्सिको, मोरक्को, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात पर तकनीक खरीदने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इस केस पर इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने बोला है कि उन्होंने निर्यात लाइसेंस में दर्ज  उपयोग की शर्तों का उल्लंघन होने पर ‘उचित कदम’ उठाए हैं.

जुलाई में कई इंटरनेशनल मीडिया संस्थानों ने NSO के पेगासस टूल से जुड़ी खबरें बताई गई थी. बोला  जा रहा है कि इसका उपयोग पत्रकारों, सरकारी अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन को हैक करने में हो रहा है. जिसके उपरांत से ही इजरायल पर इस टूल के नियंत्रण को लेकर बहुत दबाव था. इन रिपोर्ट्स के चलते इजरायल को अपनी साइबर एक्सपोर्ट नीति की समीक्षा करनी पड़ी.

हालांकि, NSO ने किसी भी तरह के गलत काम की बात से मना कर दिया था. कंपनी ने इस बारें में बोला है कि उन्होंने इसे केवल सरकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बेच दिया गया था. साथ ही कंपनी ने इसे गलत  उपयोग से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय करने की बात भी कही थी.  इस माह अमेरिकी अधिकारियों ने दुरुपयोग करने वाले सरकारों को स्पायवेयर बेचने के चलते NSO को ट्रेड ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था. अमेरिका के इस निर्णय पर NSO ने निराशा जाहिर की थी. कंपनी  ने बोला था कि उनकी तकनीक ‘आतंकवाद और अपराध को रोककर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों और नीतियों का समर्थन करती है.’

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