'जीसस ही असली ईश्वर, हिन्दू भगवानों जैसे नहीं..,' बोलता रहा पादरी, सुनते रहे 'जनेऊधारी' राहुल गांधी

चेन्नई : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को अपनी हिंदू विरोधी टिप्पणियों के लिए कुख्यात पादरी जॉर्ज पोन्नैया से मिले थे। इस मुलाकात के दौरान हुई एक बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि ईसा मसीह के बारे में चर्चा चल रही है। पादरी, राहुल को समझा रहे हैं कि जीसस ही असल में ईश्वर हैं।

यही नहीं, राहुल गाँधी को पानी की तीन अवस्थाओं की मिसाल देकर समझाया जा रहा है कि वे (राहुल) ईश्वर के पुत्र हैं। वहीं बीच में जॉर्ज पोन्नैया कहते हैं कि यीशु ही असली भगवान हैं, वो शक्ति या बाकी हिन्दू हिंदू देवताओं की तरह नहीं हैं। पोन्नैया को वीडियो में कहते सुना जा सकता है, 'यीशु मनुष्य के रूप में जन्मे असली भगवान हैं। शक्ति (माँ दुर्गा को ही 'शक्ति' कहा जाता है) और अन्य की तरह नहीं।' हालाँकि, इस दौरान अपने आप को कभी जनेऊधारी ब्राह्मण, कभी कश्मीरी पंडित बताने वाले, तो कभी शिवयोग सीखने की इच्छा जाहिर करने वाले राहुल गांधी, हिंदू देवताओं के ऐसे अपमान पर वीडियो में चुपचाप बैठे पादरी की बातों को सुनते नज़र आ रहे हैं। पादरी पूरी चर्चा में यही साबित करने की कोशिश करते रहे कि यीशु ही असली भगवान हैं और हिंदू देवता काल्पनिक। वहीं, हिन्दू और हिंदुत्व की व्याख्या कर विद्वान् कहलाने वाले राहुल गांधी, पादरी की बातों का मौन समर्थन करते रहे। ऐसे में यह भी ध्यान देने वाली बात है कि, हिन्दू बहुल देश में इस तरह हिन्दू घृणा की बातें करके राहुल गांधी कौनसी भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हुए हैं ? 

 

बता दें कि राहुल गाँधी और पादरियों से यह चर्चा उस समय की है, जब लगातार दिग्गज नेताओं के इस्तीफों से जूझ रही कांग्रेस अपनी खोई सियासी जमीन वापस पाने के लिए भारत ‘जोड़ो यात्रा’ कर रही है। इसी बीच राहुल गाँधी एक ऐसे व्यक्ति से मिले हैं, जो भारत माँ और हिंदू देवी-देवताओं के साथ हिंदुओं की सभ्यता और संस्कारों पर घृणित बयानबाज़ी कर रहा है। बता दें कि पादरी जॉर्ज पोन्नैया ने यह पहली बार हिंदू विरोधी बयान नहीं दिया है। इस से पहले भी वो कई बार हिंदू धर्म के खिलाफ विवादित बात कह चुके हैं। 

शुरू से हिन्दू विरोधी है पादरी जॉर्ज पोन्नैया:-

जुलाई 2021 में ‘जनन्याग क्रिस्थुवा पेरवई अमाईपु’ नामक NGO के सलाहकार व ईसाई पादरी जॉर्ज पोन्नैया (George Ponniah) ने कन्याकुमारी के अरुमनई में देशवासियों द्वारा भारत को माता माने जाने का मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि, 'भाजपा MLA एम आर गाँधी इसलिए चप्पल नहीं पहनते क्योंकि वो भारत माता को दर्द नहीं देना चाहते और हम लोग इसलिए चप्पल पहनते हैं ताकि हमारे पैर गंदे न हों और भारत माता की वजह से हमें कोई रोग न हो।' इसी सभा में पादरी पोन्नैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा था कि, 'नरेंद्र मोदी का अंतिम दिन सबसे दयनीय होगा। मैं लिखकर दे सकता हूँ। यदि जिन भगवान को हम पूजते हैं वो सच में जिंदा हैं, तो इतिहास देखेगा कि मोदी और अमित शाह के सड़े शरीर को कुत्ते और कीड़े खाएँगे।'

 

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बता दें कि पादरी पोन्नैया ने ये तमाम बयान तमिल नाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान कही थी जिस पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने वीडियो को आधा अधूरा बताते हुए माफ़ी माँग ली थी। हालाँकि तब पादरी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी और 18 जुलाई 2021 को उन्हें हिरासत में भी ले लिया गया था। जनवरी 2022 में पादरी जॉर्ज पोन्नैया ने अपने खिलाफ दर्ज इस FIR को निरस्त करने की अपील को मद्रास उच्च न्यायालय ने ठुकरा दिया था। उस समय भी उच्च न्यायालय ने पादरी के बयान को हिंदुओं के लिए बेहद अपमानजनक माना था।

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