आरएसएस हर सकारात्मकता के खिलाफ है- प्रिया दत्त

आरएसएस मुखपत्र पांचजन्य ने 'किरदार दागदार' में संजय दत्त पर आधारित फिल्म संजू की जमकर आलोचना की है. अब आरएसएस को जवाब देते हुए संजय दत्त कि बहन प्रिया का कहना है कि संजय दत्त उनके 'रोल मॉडल' हैं. प्रिया दत्त ने कहा, "हर किसी के अपने विचार होते हैं. आरएसएस हर उस चीज के खिलाफ है, जो सकारात्मक है. संजय दत्त रोल मॉडल हैं. मुझे यह समझ में नहीं आ रहा की विवाद क्यों है."

संघ के मुखपत्र की कवर स्टोरी 'किरदार दागदार' में लिखा है, 'संजू फिल्म बनाने के पीछे राजकुमार हिरानी का मकसद क्या संजय दत्त की छवि में चार-चांद लगाना है या बॉक्स ऑफिस पर पैसा बटोरना? या फिर उन्हें संजय दत्त की जिंदगी ऐसी लगती है जिसमें युवाओं को सीखने को बहुत कुछ है? मुंबई का फिल्म उद्योग माफियाओं और अंडरवर्ल्ड को महिमामंडित करने वाली फिल्म बना रहा है? यह संजय दत्त ही हैं जिनकी 1993 में बम्बई बम धमाकों के अपराधियों से सांठगांठ थी, जिसके लिए उन्हें जेल की सजा भी हुई.'

पांचजन्य के इस लेख में इस बात पर भी सवाल उठाए गए है कि क्या यह किसी के दागदार दामन को उजला दिखाने के लिए की करोड़ों रुपए बहाकर की गई PR एक्सरसाइज है? साथ ही यह भी लिखा गया है कि 'बाबा' के कई ऐबों को या तो फिल्म में छुपा लिया गया है या सरसरी तौर पर जिक्र करने के बाद गुम कर दिया गया है. इस लेख में तीन शादियां रचाने और फिल्म के अनुसार 308 लड़कियों से रिश्ते रखने के लिए संजय को 'रंगीन मिजाज' भी लिखा गया है.

पांचजन्य में सवाल उठाया गया है कि क्या दत्त की जिंदगी एक बयोपिक है? पत्रिका में निर्देशक राजकुमार हिरानी की निंदा की गई और लिखा है कि उनकी फिल्म पीके 'हिंदू विरोधी' थी. लिखा गया है, 'क्या ये लक्षण एक शानदार नायक के लिए अर्हता प्राप्त करते हैं? क्या बॉलीवुड एक आदर्श के रूप में उनकी सेवा करने की कोशिश कर रहा है? ... यह फिल्म राजकुमार हिरानी ने बनाई है, वही निर्देशक जो फिल्म पीके में शामिल थे और हिंदू धर्म का मजाक उड़ाया था. अब संजू के साथ, हिरानी युवाओं के लिए एक नया रोल मॉडल पेश करना चाहता है ... संजय दत्त ने अपने जीवन में क्या असाधारण काम किया है कि बॉलीवुड ने बायोपिक बनाई है?' लेख में लिखा गया है, 'यह पहली बार नहीं है कि बॉलीवुड ने अंडरवर्ल्ड के लोगों पर फिल्म बनाई है.

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