मोहन भागवत पर तिरंगे के अपमान का आरोप लगा

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर है और इस बार उनके सेना पर दिए विवादित बयान ने विपक्ष को ये मौका दिया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के रविवार को दिए एक बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार सुबह वीडियो शेयर करते हुए उन पर हमला बोला. हालांकि, संघ की ओर से इस बयान पर सफाई में कहा गया है कि संघ प्रमुख के बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने सोमवार को एक वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि संघ प्रमुख ने अपने भाषण में सभी भारतीयों का अपमान किया है, ये हर उस इंसान का अपमान है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी है. राहुल ने लिखा कि ये हमारे तिरंगे का अपमान है. राहुल ने इस बयान को शर्मनाक बताया और माफी मांगने की बात कही.

राहुल और अन्य विपक्षियों के इस मुद्द्दे पर अलग अलग बयानों के बाद संघ की ओर से इस बयान पर सफाई आई है. RSS प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने कहा है कि संघ प्रमुख के बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है. वैद्य ने कहा कि 'भागवत जी ने कहा था कि परिस्थिति आने पर तथा संविधान द्वारा मान्य होने पर भारतीय सेना को सामान्य समाज को तैयार करने के लिए 6 महीने का समय लगेगा तो संघ स्वयंसेवकों को भारतीय सेना 3 दिन में तैयार कर सकेगी, कारण स्वयंसेवकों को अनुशासन का अभ्यास रहता है. मनमोहन वैद्य बोले कि यह सेना के साथ तुलना नहीं थी पर सामान्य समाज और स्वयंसेवकों के बीच में थी, दोनों को भारतीय सेना को ही तैयार करना होगा.

गौरतलब है कि मोहन भागवत ने कहा था कि देश को अगर हमारी जरूरत पड़े और हमारा संविधान और कानून इजाजत दे हम तुरंत तैयार हो जाएंगे, सेना को तैयार होने में 6-7 महीने लग जाएंगे, लेकिन हम दो से तीन दिन में ही तैयार हो जाएंगे, क्योंकि हमारा अनुशासन ही ऐसा है. उन्होंने ये बात बिहार के मुज्जफरपुर में स्वयंसेवकों को संबोधित करते कही थी.

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