629 शरणार्थियों की जान पर आया मौत का ख़तरा

दिल्ली: भूमध्यसागर से बचाए गए सैकड़ों शरणार्थियों को ले कर आ रहे एक बचाव पोत के लिए माल्टा ने अपना बंदरगाह खोलने से इनकार कर दिया. गैर सरकारी संगठन के बचाव पोत एसओएस मैडिटेरनी ने 10 जून को 629 शरणार्थियों की जान बचाई थी और फिलहाल यह शरणार्थियों फ्रांसीसी एनजीओ के जहाज एक्वेरियस पर मौजूद हैं.

 

इस मामले मे इटली के गृह मंत्री माटियो साल्वनी और इटली तट रक्षा के प्रभारी मंत्री डानिलो टोनीनेली ने एक संयुक्त बयान देकर बताया कि मानव जीवन की रक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के सम्मान की बात करें तो माल्टा लगातार इससे मुंह नहीं मोड़ सकता. 

वहीं माल्टा की सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट ने इटली के प्रधानमंत्री गियुसेपे कोंटे से बात कि और कहा कि ‘माल्टा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पूरा अनुपालन कर रहा है.' इससे पहले भूमध्य सागर में 50 से ज्यादा शरणार्थी डूब गए थे. उनमें से अधिकतर ट्यूनीशिया और तुर्की के तट के पास डूबे थे. ट्यूनीशिया के अधिकारियों के मुताबिक, देश के दक्षिणी तट के पास से 3 जून को 48 शव देखे गए. इनके अलावा 68 लोगों को सुरक्षित बचाया गया था. बता दें कि यह हिस्सा सफाक्स शहर के नजदीक ही मौजूद है. 

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