जाट आरक्षण : एक ही कलम में सब केस खत्म

सोनीपत: सोनीपत की छोटूराम धर्मशाला में हरियाणा व दिल्ली के खांप पंचायतों की महापंचायत हुई जिसमें जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर हरियाणा में 29 जनवरी को होने वाले धरने व आंदोलन में खापो ने समर्थन नहीं करने का फैसला लिया है.

इतना ही नहीं खाप पंचायतों का एक 51 सदस्य दल जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पिछले वर्ष आरक्षण के दौरान हुए मुकद्दमें कैसल किए जाने व जेल में बंद जाट युवा नेताओं को रिहा को लेकर कल चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेगा.

जाट आरक्षण की मांग को लेकर पिछले साल फरवरी माह में हरियाणा में आंदोलन हुआ था. इस दौरान जगह-जगह हिंसक घटनाएं भी हुई थी. बाद में हरियाणा सरकार की पहल पर जाट समुदाय ने आंदोलन वापस लिया.

इस दौरान जाट समुदाय के अनेक युवाओं पर केस भी दर्ज हुए और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. इस बीच हरियाणा सरकार ने जाट समेत 6 जातियों को आरक्षण दे दिया.

लेकिन यह मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है. प्रदेश में एक बार फिर जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा हो चुकी है.

जाट नेता यशपाल मलिक की अगुवाई वाली अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 29 जनवरी से आंदोलन का ऐलान कर रखा है. जाट आंदोलन के चलते रोहतक में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है.

रोहतक में जगह-जगह पुलिस नाके लगाए दिए हैं. रोहतक रेंज के आईजी नवदीप सिंह विर्क ने खुद पुलिस नाकों का जायजा लिया. 

आईजी ने कहा कि पुलिस प्रशासन हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. साथ ही उन्होंने लोगों से भी सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है.

खास बात है कि इस धरने का नेतृत्व युवा कर रहे हैं. इस धरने में खाप नेता शामिल नहीं है साथ ही मलिक गुट भी इससे अलग है. मलिक गुट ने 29 जनवरी से प्रदेश के 19 जिलों में धरने शुरु करने का एलान कर रखा है.

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