पीएम के तीन खाड़ी देशों की यात्रा की अहमियत

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 9 फरवरी को फिलिस्तीन, यूएई और ओमान की यात्रा पर जा रहे हैं. यह यात्रा कई मायनों में अहम है . अपनी इस यात्रा में पीएम न केवल धार्मिक , बल्कि व्यापारिक रिश्तों को भी मजबूत करेंगे.भारत और इजरायल के रिश्तों में आई गर्माहट के मद्देनजर इस यात्रा का बहुत महत्त्व है.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 9 फरवरी को फिलिस्तीन, यूएई और ओमान की यात्रा के दौरान यूएई में एक भव्य मंदिर का शिलान्यास, ओमान में सबसे विशाल मस्जिद के साथ ही वहां स्थित प्राचीन मंदिर की यात्रा भी करेंगे. इस मंदिर के निर्माण का आग्रह यूएई में रह रहे भारतीय कर रहे थे.2015 में जब मोदी वहां गये थे तब इस प्रस्ताव को स्वीकार किया गया था. अब सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोदी अबु धाबी से इसका वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शिलान्यास करेंगे.

यही नहीं खाड़ी क्षेत्र आर्थिक व रणनीतिक कारणों से बेहद महत्वपूर्ण देश बन चुके है. खाड़ी के देशों में रहने वाले भारतीयों की संख्या अब 60 लाख से बढ़ कर 90 लाख से ज्यादा हो चुकी है. यह भारत को सालाना 35 अरब डॉलर की राशि भेजते हैं, जिससे यह देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हो रही है.जहाँ भारत की कुल ऊर्जा जरुरत का 60 फीसद इस क्षेत्र के देशों से आता है, वहीं पिछले चार सालों में यूएई ने भारत में चार अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई ) और छह अरब डॉलर का पोर्टफोलियो निवेश किया है.ओमान भी भारत में लगातार निवेश बढ़ा रहा है. इन सब कारणों से पीएम के इस दौरे की अहमियत बहुत बढ़ गई है.

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