वैध वीज़ा पर भेजा जाता था पाकिस्तान,दी जाती है पीओके में आतंक की ट्रेनिंग

नईदिल्ली। जम्मू कश्मीर पुलिस ने ऐसे माॅड्युल का खुलासा किया है जो कि आतंकी संगठन में लोगों की भर्ती करता है। उक्त माॅड्यूल में अलगाववादी संगठनों की कथित सिफारिश पर कानूनी तौर से वैध वीजा के माध्यम से लोगों को आतंकी प्रशिक्षण लेने के लिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भेजा जाता था। अब्दुल राशिद भट्ट के तौर पर एक आतंकी की पहचान हुई थी यह आतंकी वीज़ा पर पाकिस्तान गया था।

हिज्बुल मुजाहिदीन के रिक्रूटमेंट माॅड्यूल का खुलासा होने के बाद सुरक्षा बल व पुलिस बल अलर्ट हो गया है। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी अब्दुल राशिद भट्ट ने अलगाववादी संगठन को कथित सिफारिश पर कानूनी रूप से वैध वीजा प्राप्त कर आतंकी प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया। दरअसल अंसारूल्लाह और मेहराजुद्दीन काक को बारामुला पुलिस ने पकड़ लिया है। इन लोगों को ग्रेनेड फैंकने का प्रशिक्षण दिया गया था साथ ही एके 47 राइफल चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया था।

इन लोगों को दिल्ली के पाकिस्तान उच्चायोग से वीज़ा मिल गया था। इन लोगों को कहा गया कि इन लोगों को चिकित्सालय जैसे कैंप में प्रशिक्षण दिया गया था। मेजर जनरल सेवानिवृत्त पीके सहगल द्वारा कहा गया कि भारतीय सुरक्षा बल के खिलाफ साजिश रचने हेतु पाकिस्तान कई तरह के हथकंडे अपना रहा है। मगर पाकिस्तान के एजेंट्स को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त माॅड्युल को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में गगलूरा हंदवाड़ा निवासी हिज्बुल कमांडर परवेज वानी संचालित कर रहा है। माॅड्युल की योजना वैध वीजा के माध्यम से अधिक से अधिक लड़कों को आतंकी प्रशिक्षण देने हेतु पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भेजने की है। आतंकियों के पास हथियार, गोला बारूद व 1 लाख रूपए कैश जब्त हो गया। यह बात भी सामने आई है कि प्रशिक्षण के लिए ले जाए गए करीब 10 लड़कों को आतंकियों से मुक्त करवाया गया है।

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