'हिन्दुओं में मुस्लिमों का डर बैठाना चाहते थे..', रामनवमी की शोभायात्रा पर हमला करने वाले आरोपियों ने कबूला सच

अहमदाबाद: गुजरात के खंभात में रामनवमी के दिन हुई हिंसा की जाँच में कुछ और बड़े खुलासे हुए हैं। इस मामले में अरेस्ट किए गए आरोपितों ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि हिंसा का मकसद हिन्दुओं के मन में मुस्लिमों की दहशत बैठाना था, ताकि भविष्य में वे मुस्लिम इलाकों से शोभा यात्रा निकालने की हिम्मत न कर सकें। बता दें कि इस मामले में अब तक तीन मौलवियों समेत 11 आरोपित अरेस्ट किए गए हैं। इन आरोपितों में 6 लोग इस साजिश रचने में शामिल थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरी घटना को अंजाम देने के लिए स्लीपर सेल ने काफी तैयारी की थी। आरोपित रामनवमी के 3 दिन पहले ही खंभात में इकठ्ठा हो गए थे। तैयारियों को अंजाम देने के लिए ईंट-पत्थर भी जुटा लिए गए थे, ताकि शोभा यात्रा पर हमला किया जा सके। इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए मुस्लिम इलाकों में चादर फैलाकर चंदा जुटाया गया था। जमा हुए इन पैसों का इस्तेमाल वारदात के बाद अरेस्ट होने वाले आरोपितों की जमानत करवाने और उनके मुक़दमे लड़ने के लिए किया जाना था। इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड मौलवी रज़्ज़ाक उर्फ अयूब है। DJ की आवाज पर सबसे पहले उसी ने हंगामा शुरु किया था। इसी हंगामे के दौरान शोभा यात्रा में शामिल लोगों और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया था।

बता दें कि अब SIT इस मामले की जाँच कर रही है। जिले के पुलिस अधीक्षक अजीत ने बताया कि हमला पूरी सुनियोजित और साजिश के तहत किए गए थे। इस केस में अब तक कुल 57 आरोपित चिन्हित कर लिए गए हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में विदेशी लिंक की तलाश कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूरे राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंसा फैलाने की योजना बनाई गई थी, किन्तु इस साजिश को बहुत अधिक समर्थन नहीं मिला। इस साजिश के स्क्रीनशॉट पाकिस्तान तक के सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो रहे हैं। पुलिस आरोपितों के फोन और मैसेज के रिकॉर्ड खंगाल रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने बताया है कि, 'हमले के दौरान शहरभर में सोशल मीडिया पर मैसेज भेजे गए। इन संदेशों का उद्देश्य अन्य इलाकों के लोगों को उकसाना था। इसके बाद मुख्य आरोपितों द्वारा अपने संबंधियों को ऐसे संदेश भेजे गए जैसे कि वो कानून-व्यवस्था को सुधारने में पुलिस की सहायता कर रहे हों। मौलवी अयूब के साथ माज़िद, जमशेद खान पठान, मौलवी वोहरा उर्फ़ मुस्तकीम, मोहम्मद सैयद और मतीन वोहरा भी इस घटना के मास्टरमाइंड हैं। रज़्ज़ाक के साथ साजिश में शामिल अन्य आरोपितों में से कुछ ने हमलावरों को छिपाने की भी जिम्मेदारी ली थी।'

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