G20 समिट: पीएम मोदी की मीटिंग में CM ममता को क्यों नहीं मिला बोलने का मौका ?

नई दिल्ली: भारत द्वारा G20 समिट का नेतृत्व करने और उससे संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुक्रवार (9 दिसंबर) को राज्यपालों, उप राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों की एक वर्चुअल मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और सूबे के मुख्य सचिव भी पूरी तैयारी से पहुंचे थे, मगर उन्हें बोलने का अवसर ही नहीं मिला। यह दावा बंगाल सरकार के सूत्रों ने किया है। शुक्रवार को हुई बैठक 5 दिसंबर को नई दिल्ली में हुई मीटिंग का फॉलो अप था, जिसमें ममता बनर्जी भी शामिल हुईं थी।

सीएम बनर्जी के करीबी सूत्रों ने बताया है कि, ये उम्मीद की जा रही थी कि शुक्रवार की मीटिंग के दौरान ममता बनर्जी को बोलने का मौका मिलेगा। पहले उनके भाषण के लाइव टेलीकास्ट की तैयारी की जानी थी, मगर पूरी तैयारी धरी की धरी रह गई। सूत्रों ने बताया कि कोलकाता भी G20 समिट से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन स्थलों में शामिल है। बंगाल कि ममता सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, 'सीएम के पास राज्य में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के कार्यक्रमों के लिए पश्चिम बंगाल की तैयारियों की जानकारी देने वाले कुछ डाक्यूमेंट्स थे। मगर, उन्हें बोलने का मौका ही नहीं दिया गया।' अधिकारी ने कहा कि, 'बैठक में शामिल पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव एच के द्विवेदी को भी बोलने का अवसर नहीं मिला।'

बता दें कि, सीएम ममता बनर्जी इससे पहले भी आरोप लगा चुकी हैं कि उन्हें पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक में बोलने का अवसर नहीं दिया गया। मई 2021 में, पश्चिम बंगाल के सीएम ममता बनर्जी कोरोना महामारी की स्थिति का जायजा लेने के लिए पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल हुईं थी, लेकिन उस समय भी उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्षी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बोलने की इजाजत नहीं दी गई। तब उन्होंने मीटिंग को 'फ्लॉप' बताया था।

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