दिल्ली 'शराब घोटाले' में हुई पहली गिरफ्तारी, AAP कार्यकर्ता रहे विजय नायर अरेस्ट

नई दिल्ली: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा अंजाम दिए गए शराब घोटाले (Delhi Liquor Scam) में मंगलवार (27 सितंबर) को पहली गिरफ्तारी की गई है। राष्ट्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने विजय नायर को अरेस्ट कर लिया है। CBI ने शराब घोटाले (Delhi Liquor Scam) में जो FIR दर्ज की है, उसमें दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia Liquor Scam) के अतिरिक्त विजय नायर का भी नाम शामिल है। इस प्राथमिकी में कुल 14 लोगों को आरोपित बनाया गया है।

CBI ने अपनी FIR ने बताया है कि विजय नायर अकेले ऐसे शख्स हैं, जो राजनेता, नौकरशाह या शराब व्यापारी नहीं हैं। हालाँकि, दिल्ली सरकार की नई शराब नीति को तैयार करने और उसके क्रियान्वयन में CBI ने नायर की सक्रिय भूमिका बताई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नायर ने वर्ष 2020 के दिल्ली राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान लिए AAP के लिए कार्य किया था। इस दौरान उन्होंने AAP के कार्यक्रमों को आयोजित करने और उसके सोशल मीडिया हैंडल का प्रबंधन करने में मदद की थी।

बता दें कि, विजय नायर ‘ऑनली मच लाउडर’ के पूर्व CEO हैं। ऑनली मच लाउडर कंपनी महाराष्ट्र के मुंबई में रजिस्टर्ड एक एंटरटेनमेंट ऐंड इवेंट मैनेजमेंट कंपनी है। शराब घोटाले में इसका भी नाम सामने आया है। 

 

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दरअसल, यह पूरा मामला दिल्ली की नई शराब नीति को लेकर शुरू हुआ था, जिसे CM केजरीवाल ने बहुत शानदार नीति बताया था। लेकिन, दिल्ली सरकार पर नई शराब नीति के तहत घोटाला करने के आरोप लगे और LG ने इसकी CBI जांच के आदेश दिए।  जाँच के आदेश जारी होते ही केजरीवाल सरकार घबरा गई और वापस पुरानी नीति लागू करने का ऐलान कर दिया। लेकिन यह नहीं बताया कि, उन्होंने यह यू टर्न किसलिए लिया है। इसके बाद जब डिप्टी CM मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI की जांच शुरू हुई, तो खुद पर लगे आरोपों से ध्यान हटाने के लिए केजरीवाल हर दिन विपक्षी दल पर एक नया आरोप लगाने लगे। 

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