सैन्यकर्मियों की बेटियों के लिए बदला पेंशन का नियम

नई दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों के कर्मियों की तलाकशुदा बेटियों को पारिवारिक पेंशन के लिए नियमों में सुधार किया है. अब सशस्त्र सेना कर्मियों की वे आश्रित बेटियां भी पारिवारिक पेंशन की हकदार होगी, जिनके तलाक का मुकदमा चल रहा हो. रक्षा मंत्रालय के अनुसार अब तक सशस्त्र सेनाओं के कर्मियों की उन बेटियों को ही पारिवारिक पेंशन मिलती थी जिन्हें सक्षम अदालत से तलाक मिल गया हो.

रक्षा मंत्रालय ने 17 नवम्बर को ही यह आदेश जारी किया था कि यदि किसी सशस्त्र सैन्य कर्मी तथा उनकी पत्नी की मृत्यु हो जाती है और उनकी विवाहित बेटी उन पर आश्रित है तो उसे पारिवारिक पेंशन मिलेगी. ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारी या उसके जीवनसाथी की बेटी की तलाक की कार्यवाही माता-पिता में किसी एक या दोनों के जीते जी शुरू हुई, लेकिन जब तक फैसला आया तब तक माता-पिता में कोई जिंदा नहीं बचा. इस कारण आश्रिता  इस लाभ से वंचित रह जाती है. 

आपको बता दे कि, इससे पहले नियम यह था कि तलाकशुदा बेटियाें को पारिवारिक पेंशन सिर्फ उस स्थिति में मिलेगी, जब अदालत ने तलाक का फैसला माता पिता में से कम से कम किसी एक के जीवित रहने के दौरान दिया हो. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऐसी शिकायतें मिल रहीं थी कि तलाक की कार्यवाही एक लंबी प्रक्रिया है, जिसके अंजाम तक पहुंचने में काफी वक्त लगता है. इसे देखते हुए नियमों में बदलाव किया गया है.

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