दिल्ली : 11 लोगों की मौत का हुआ बड़ा खुलासा, मिल गया मास्टरमाइंड

रविवार को दिल्ली के बुराड़ी इलाके से मिली 11 लाशें और सोमवार की शाम होते-होते मामले में हुए 11 खुलासे’ कुछ ऐसी है बुराड़ी केस की कहानी. जी हाँ! जिस तरह घड़ी की सुइयाँ, हर घंटे अपना वक़्त बदलती है उसी तरह सोमवार को हर घंटे में यह मामला एक नया मोड़ ले रहा था. हम आपको बताएँगे कि हर घंटे इस मामले ने क्या मोड़ लिया था.

1) सबसे पहले आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट जिसमें ख़बर आई कि गला घोंटे जाने या हाथापाई के कोई संकेत नहीं मिले हैं.

2) इसके बाद आशंका जताई गई कि नारायण देवी की मौत गला घोंटे जाने से हुई है लेकिन चिकित्सकों का कहना कुछ और था, उनके अनुसार उनकी मौत भी फांसी लगने के कारण ही हुई है क्योंकि रस्सी उनके शव के निकट लटकी हुई पाई गई. इसी बीच मामला उठा कि उनके गले से रस्सी को निकाला किसने होगा.

3) मामला यहीं रुका नहीं क्योंकि अब पुलिस को घटनास्थल से एक डायरी मिली जिसे पढ़कर लगा कि यह सोच-समझकर की गई आत्महत्या है. इसके बाद मामले को धर्म से जोड़ा गया और कहा गया, इन सभी ने आत्महत्या मोक्ष प्राप्ति के लिए की है.

4) पर अब सवाल यह उठा कि इन सभी की आँखों पर पट्टी, हाथों और पैरों को बाँधा किसने होगा. क्या इसमें किसी बाहर वाले का काम है.

5) इस दौरान खाने में नशे की दवाई मिलने की ख़बर भी सामने आई.

6) अब इस मामले को तंत्र-मंत्र से जोड़ा जाने लगा क्योंकि घर में 11 लोगों के शव मिले हैं उसकी बाहरी दीवार पर 11 पाइप लगे हुए हैं. इन 11 पाइपों से से 7 पाइप का मुंह नीचे की ओर झुका है और 4 सीधे हैं. बताया जा रहा है कि यह 7 पाइप पुरुषों और 4 पाइप महिलाओं को शो करते है.

7) इस दौरान पुलिस वालों को जाँच में बॉडी पर से लाल निशान मिले जिसे देखकर कहा जा सकता है कि ज्यादा देर तक हाथ-पैर बंधे होने की वजह से ऐसा हुआ है. इससे एक संदेह और हुआ कि बच्चे इसके लिय तैयार नहीं थे क्योंकि इस तरह के निशान बच्चों की बॉडी पर देखने को मिले.

8) मामला और गंभीर जब हुआ तब शव के पास से मिली डायरी में पाया कि इस सामूहिक हत्या का जिक्र तो 26 जून को ही किया जा चुका है. इतना ही नहीं कान में रूई डालने, हाथ-मुंह बांधने से लेकर इस प्रक्रिया व नियम को मंगलवार, शनिवार व रविवार के दिन करने की बात भी लिखी गई थी.

9) इसके बाद आई खबर ने तो सभी का दिल दहला दिया क्योंकि इस कहानी की पटकथा छोटे भाई ललित ने लिखी थी। दरअसल, क्राइम ब्रांच की टीम ने जब इस डायरी के पन्नों को पलटना शुरू किया तो पाया कि ललित साल 2015 से यह डायरी लिख रहा था.

10) ललित कुछ दिनों के अंतराल में डायरी में कुछ न कुछ धार्मिक आदेश की तरह लिख देता था. अब क्राइम ब्रांच की टीम हैंड राइटिंग एक्सपर्ट्स की मदद लेगी और इस मामले की तह तक जाएगी.

11) वैसे पुलिस ने दो बाबाओ को हिरासत में लिया है क्योंकि करीब 5 दिन पहले ललित इन बाबाओ से मिला था. पुलिस को शक है कि ललित धार्मिक गतिविधियों में हमेशा जुड़ा रहता था इसलिए यह अंजाम दिया हो. भले ही इस केस में कई मोड़ आए हो लेकिन अभी तक पुख्ता सबूत नहीं मिले है और पूरी तरह खुलासा नहीं हुआ है. आगे की और अपडेट के लिए बने रहे.

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