बुराड़ी में मोक्ष या मर्डर ?

Jul 02 2018 02:38 PM

दरअसल, रविवार को छुट्टी का दिन होता है और इस दिन घर-परिवार में मस्ती का माहौल होता है क्योंकि हर व्यक्ति घर पर होता है लेकिन दिल्ली में रहने वाले एक परिवार के लिए यह दिन मातम भरा रहा. हम बात कर रहे है भाटिया परिवार की जहाँ एक साथ 11 लोगों की लाश मिली है. अब सवाल यह उठता है कि यह हत्या है या फिर आत्महत्या.

वैसे तो इस मामले को धर्म से जोड़ा जा रहा है कि मोक्ष प्राप्ति के लिए परिवार के सभी लोगो ने फांसी के फंदे को चुना लेकिन एक बुजुर्ग महिला का शव फर्श पर भी मिला है लेकिन यहाँ भी एक प्रश्न खड़ा होता है कि जब सभी फांसी लगा रहे थे तो उनकी आँखों सहित हाथों तथा पैरो पर पट्टी किसने बांधी. यह तो ऐसा लग रहा है कि मानों किसी ने इनकी मौत पहले से लिखी हो और कहा हो 1 जुलाई 2018 को इस तरह भगवान से मुलाक़ात करना है.

सूत्रों के अनुसार 20 दिन पहले घर में जश्न का माहौल था क्योंकि परिवार की एक बेटी का रिश्ता तय हुआ था और फिर अचानक फांसी लगाना कई सवाल खड़े करता है. वहीं पुलिस के मुताबिक़ खाने में नशे की दवाई मिलाई गई थी, तो क्या घर के व्यक्ति ने ही इस घटना को अंजाम दिया है या बाहर के किसी व्यक्ति का यह काम है क्योंकि घर का मैन गेट जो रात 11:30 बजे रोजाना बंद हो जाता है वह सुबह खुला मिला है.  

भले ही कहा जा रहा हो कि मोक्ष प्राप्ति के लिए घर के सभी परिवार वालो ने फांसी लगाईं हो लेकिन परिजनों की मानें तो दिल्ली में रहने वाले भाटिया परिवार को किसी चीज़ की कमी नहीं थी. बेशक यह परिवार धार्मिक था लेकिन इस तरह फांसी का फंदा नहीं चुन सकता. अब पुलिस इस मामले में यह देख रही है कि भाटिया परिवार की किसी से दुश्मनी तो नहीं थी जिसके चलते बदले की आग में उसने परिवार के 11 लोगों को एक साथ मौत के घाट उतार दिया.  

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