7 साल बाद कोर्ट का आया आदेश, 28 शिकारियों को 5 साल की कैद, बाघ का किया था शिकार

नर्मदापुरम।  मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार के एक मामले में कोर्ट ने 28 शिकारियों को सजा सुनाई साथ ही कोर्ट ने 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने 28 शिकारियों को सजा के तौर पर दिया है। इस मामले में अभी भी आठ दोषी फरार हैं, दरअसल इसमें एक अंतरराष्ट्रीय शिकारी जे तमांग भी शामिल है। 

देश में सरकार शिकारियों पर लगाम कसने की कोशिश तो कर रही है लेकिन शिकारियों में कमी देखने को नहीं मिलती है। दरअसल मामला सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र कामती-चूरना के सरकारी जंगल कोर इलाके का है, जो की साल 2015 का है, जहां पर बाघ का शिकार किया गया था। वही इसमें बाघ के अलावा वन्य प्राणि पैंगोलिन के शिकार की भी बात सामने आई थी।  जिसके बाद इस पर सीजेएम कोर्ट में यह मामला चल रहा था। आपको बता दें की इसमें एक विदेशी शिकारी जे तमांग भी शामिल था। इसको लेकर कोर्ट ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है और साथ ही कोर्ट ने 28 दोषियों को सजा सुनायी है। लेकिन अभी भी जे तमांग समेत 8 शिकारी फरार चल रहे हैं। जिनकी गिरफतारी अभी तक होती हुई नजर नहीं आ रही है। 

दरअसल 13 जुलाई साल 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र में शिकार किया गया था। जानकारी के अनुसार महावत मनीराम और गन्नू लाल गश्त पर निकले थे और उन्होंने 8-10 लोगों को कामति के जंगल में अवैध प्रवेश करते देखा था। जिसके बाद इसकी सूचना मनीराम और गन्नू लाल ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने तुरंत आरोपियों का पीछा किया लेकिन आरोपी जंगल में भाग गए। अधिकारीयों द्वारा घटनास्थल की तलाशी लेने पर वहां से वन्य प्राणि पैंगोलिन की खोपड़ी, चाकू और अन्य सामग्री मिली थी। बाद में जांच के दौरान आरोपियों के पास से बाघ की खाल भी मिली थी।

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