बुलेट ट्रेन के लिए जमीन देने वालों के लिए सरकार की खुशखबरी...

नई दिल्ली। भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले लोगों के लिए सरकार की तरफ से एक खुशखबरी मिली है। भारत सरकार ने फैसला  किया है कि इस परियोजना के अंतर्गत बुलेट ट्रेन के लिए अपनी जमीन देने वाले लोग अगर तीन साल के भीतर अपने लिए देश में कही भी जमीन खरीदते हैं तो सरकार उनसे कोई स्टांप ड्यूटी नहीं लेगी। 

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यह फैसला भारत सरकार के अंतर्गत बुलेट ट्रेन परियोजना को लागू करने वाली एजेंसी राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल निगम लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने अपनी हालिया बैठक में लिया है। यह एजेंसी बुलेट ट्रेन के लिए 508 किलोमीटर लम्बे रूट के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए संघर्ष कर रही है। सूत्रों के मुताबिक एनएचएसआरसीएल लोगों को अपनी जमीने ट्रैन के लिए देने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह सौगात दे रही है। एनएचएसआरसीएल के अधिकारीयों के मुताबिक  सरकार को लोगों की स्टांप ड्यूटी की राशि भी एजेंसी ही चुकाएगी। 

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गौरतलब है कि यह लोगों को यह छूट उनके मुआवजा राशि से अलग दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना के लिए 1000 हेक्टेयर से अधिक भूमि की आवश्यकता है। इसमें से तक़रीबन ३०० हेक्टेयर भूमि महाराष्ट्र में है और शेष गुजरात में है। उल्लेखनीय है कि यह एजेंसी अभी तक बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स में केवल 0.9 हेक्टेयर भूमि ही हासिल कर पाई है। 

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