'फॉर्मूला 144' के जरिए 2024 फतह की तैयारी, भाजपा की यह रणनीति विपक्ष पर पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली: देश में अगले लोकसभा चुनाव 2024 में होने वाले हैं, मगर भाजपा अभी से इसकी तैयारियों में लग गई है। भाजपा का फोकस उन 144 लोकसभा सीटों पर अपनी जमीन मजबूत करने पर है, जहां 2019 में उसे शिकस्त का सामना करना पड़ा था। संगठन के महासचिव बीएल संतोष ने योजना पर एक प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों के लिए बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान शामिल है।

प्रथम चरण में पार्टी इन 144 लोकसभा सीटों और इनके अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों की पूरी जानकारी एकत्रित करेगी। भाजपा के अनुसार, पार्टी इन सीटों पर बूथों को मजबूत करेगी। भाजपा इन सीटों पर आने वाले 18 महीनों में काम करने के लिए तीन स्तर के नेताओं को तैनात करेगी। सबसे पहले एक केंद्रीय समिति होगी, जिसमें राष्ट्रीय नेता शामिल होंगे जो पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करेंगे। दूसरा, एक राज्य समिति योजनाओं को जमीन पर क्रियान्वित करेगी। तीसरा, केंद्रीय मंत्रियों के साथ एक क्लस्टर समिति गतिविधियों की निगरानी और केंद्रीय और राज्य समितियों के बीच तालमेल में सीधे तौर पर शामिल होगी।

कार्यक्रम के तहत पार्टी के संगठनात्मक प्रभारी हर 15 दिन में एक रात हर संसदीय सीट पर बिताएंगे। प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी पहले दो महीनों में लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले हर विधानसभा क्षेत्र में एक रात बिताएंगे। बाद में रात्रि प्रवास के लिए वह लोकसभा प्रभारी के लिए साप्ताहिक काम करेंगे। लोकसभा टीम की जिम्मेदारी जाति, पार्टी के पक्ष और विपक्ष में मुद्दों के आधार पर डेटा जुटाने की होगी। इसके साथ ही कमजोर विधानसभा क्षेत्रों, चुनाव पूर्वानुमान और जाति समीकरण को उजागर करते हुए एक डोजियर बनाया जाएगा। टीम इन 144 सीटों के लिए पार्टी के प्रत्याशियों पर भी नजर रखेगी। पार्टी ने विपक्षी शासित राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों में भी प्रति माह कैंपेन की योजना बनाई है।

हर लोकसभा सीट के लिए विशेष मीडिया प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। टीम को उन स्थानीय मीडिया घरानों को समझाने का भी जिम्मा सौंपा जाएगा, जो भाजपा के विरोधी हैं। सोशल मीडिया टीम को इस साल दिसंबर तक इन 144 लोकसभा सीटों में से प्रत्येक में कम से कम 50,000 फॉलोअर बढ़ाने का टारगेट दिया जाएगा।

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