राहुल द्रविड़ ने क्यों लिया था इतनी जल्दी सन्यास जानिए ?

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने 9 फरवरी 2012 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया था. सन्यास के लेने का एलान राहुल ने बेंगलुरु में हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया था, उस दौरान वहां बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन और अनिल कुंबले भी उपस्थित थे.     

उस वक़्त राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि, मैं युवाओं को मौका देने के लिए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं अब युवा इतिहास बनाएं, वही प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने टीम कोच और फीजियो को थैंक यू भी कहा था. राहुल ने गत वर्ष इंग्लैंड दौरे में एकदिवसीय मैच खेलने के बाद एकदिवसीय क्रिकेट को बाय बाय कह दिया था. याद हो आपको ऑस्ट्रेलिया दौरे में भारत का निराशाजनक प्रदर्शन देखने के बाद यह कहा जाने लगा था कि भारतीय टीम के वरिष्ठ बल्लेबाजों राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वी.वी.एस लक्ष्मण को अब क्रिकेट से सन्यास ले लेना चाहिए. जिसके बाद राहुल ने महज 39 साल की उम्र में ही क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. 

राहुल द्रविड़ उस समय 'श्रीमान भरोसेमंद' के नाम से भी फैमस हुए थे. हालांकि राहुल का 2011 में प्रदर्शन बेहतरीन रहा था. उस दौरान उन्होंने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दौरों में कुल पांच शतक लगाए थे. राहुल ने 1996 के ऐतिहासिक लॉर्ड्स में अपने पदार्पण टेस्ट मैच में शानदार 95 रन बनाए थे. जिसकी वजह से उनकी गिनती उस पीढ़ी के महानतम बल्लेबाजों में होती है. इन्होने 168 मैचों में 52.31 की औसत 13288 रन बनाए हैं, सर्वाधिक टेस्ट रनों के मामले में राहुल  सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे स्थान पर हैं.

जानिए दादा के 9 रिकॉर्ड जो उन्हें सफल कप्तान बनाता है ?

चैंपियन ट्रॉफी में 50 ओवर का एक भी फाइनल नहीं जीती इंडिया !

भारत के साथ ICC टूर्नामेंट का फाइनल मैच खेल पहली बार चैंपियन बना पाकिस्तान

 

Related News