क्या कन्हैयालाल की हत्या का ही इंतज़ार कर रहे थे मुस्लिम धर्मगुरु ?

उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर में एक हिन्दू दर्जी कन्हैयालाल की जिहादियों द्वारा की गई निर्मम हत्या के बाद तनाव देखने को मिल रहा है। इस घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। इस बीच, अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने भी इस वीभत्स घटना पर जुबानी मरहम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि भारत के मुसलमान कभी भी देश में तालिबानी मानसिकता नहीं आने देंगे।  

बता दें कि, बीते कई दिनों से सड़कों पर जब 'सर तन से जुदा' के नारे लगाए जा रहे थे, तब इनमे से कोई भी हिंसक भीड़ को समझाने आगे नहीं आ रहा था, उलटा जुमे की नमाज़ के बाद लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए भड़काया जा रहा था। आज जब महज एक वाट्सएप स्टेटस को लेकर एक हिन्दू की निर्मम हत्या हो चुकी है, तो उस पूरी भीड़ को निर्दोष साबित करने की कोशिशें होनी लगी हैं, जो सर कलम करने के लिए सड़कों पर उत्पात मचा रही थी। यदि, ये धर्मगुरु वास्तव में देश में तालिबानी मानसिकता नहीं आने देना चाहते, तो कर्नाटक में जब नूपुर शर्मा के पुतले को फांसी दी गई थी, उसका विरोध क्यों नहीं किया ? जब नूपुर को बलात्कार और हत्या की धमकियाँ दी जा रही थी, तब कह देते कि कानून के अनुसार काम होगा। जब भीड़ सड़कों पर ये नारे लगा रही थी, उसी दिन तय हो गया था कि, एक दिन ये भीड़ बेकाबू होकर किसी न किसी की हत्या करेगी ही और वही हुआ भी। अगर उसी समय कट्टरपंथियों को रोका जाता, तो शायद कन्हैयालाल जीवित होते.अब हत्या हो जाने के बाद इन जुबानी मरहमों का कोई औचित्य नहीं ?

बता दें कि मंगलवार को उदयपुर में दो जिहादियों ने हिन्दू दर्जी कन्हैयालाल की गला रेतकर हत्या कर दी। घटना के बाद एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि वे इस्लाम के अपमान का बदला ले रहे हैं। कन्हैयालाल का कसूर इतना ही था कि, उनके 8 वर्षीय बेटे ने नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। इससे आक्रोशित जिहदियों ने उसके पिता की बेरहमी से हत्या की है।  

'धर्म नहीं मजहब कहिए..', उदयपुर की वीभत्स घटना पर राहुल गांधी को गिरिराज की नसीहत

'एक और हिन्दू मारा गया..,' उदयपुर की घटना पर जश्न मनाने लगे कट्टरपंथी

उदयपुर: मोहम्मद ज़ुबैर ने जो चाहा था, वो हो गया..., अब कोर्ट में जमीयत लड़ेगा जिहादियों के केस

 

 

Related News