सीरिया गृह युद्ध में सात सालों में 5 लाख मौतें सिलसिला जारी

सीरिया: आज 7 साल बाद भी सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल अशद की सेना और विद्रोहियों के बीच युद्ध जारी है. 5 लाख लोग अब तक मारे जा चुके हैं और इससे भी कई ज्यादा लोग शरण लेने के लिए पड़ोस के देशों की ओर पलायन कर चुके हैं. कई शहर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. यही नहीं अब सीरिया के युद्ध में अमेरिका, रूस समेत दुनिया की बड़ी ताकतें भी कूद चुकी हैं. यहां तक कि सीरिया संकट को तीसरे विश्व युद्ध की आहट के तौर पर भी देखा जाने लगा है.

लेकिन असल सवाल ये है कि दुनिया की लड़ाई का केंद्र सीरिया ही क्यों बना. सीरिया के समाज में इस युद्ध को लेकर किस तरह की खाई है. कौन किसके पक्ष में है और कौन किसके साथ है. अमेरिका सीरियाई सेना पर रसायनिक हथियारों से हमले का आरोप लगा रहा है तो रूस इन हमलों के पीछे पश्चिमी देशों की साजिश बता रहा है. फ्रांस, ब्रिटेन ने अमेरिका के साथ मिलकर सीरिया पर हवाई हमला किया तो सऊदी अरब और तुर्की अमेरिका का समर्थन करते दिख रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान और चीन ने अमेरिका कार्रवाई को दूसरे देश के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताया है.

ब्रिटेन से आंखों की डॉक्टरी की पढ़ाई किए बशर अल-असद सीरिया की सत्ता पर दशक भर से ज्यादा समय से काबिज थे. जैस्मिन क्रांति के बीच मार्च 2011 में सीरिया के दक्षिणी शहर दाराआ में चार बच्चों ने एक दीवार पर लिख दिया था कि 'अब तुम्हारी बारी है डॉक्टर'. असद के सुरक्षा बलों ने भित्ति चित्र बनाने वाले चार कलाकारों को गिरफ्तार किया. इनकी रिहाई के लिए विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ. सुरक्षा बलों ने इस विरोध-प्रदर्शन पर गोलीबारी कर दी. इसमें कई लोगों की जान चली गई. फिर जो हालात बिगड़ने शुरू हुए, उस पर आज तक काबू नहीं पाया जा सका है. विरोध प्रदर्शन की आग होम्स, दमिश्क और इदलिब जैसे शहरों में फैल गई और यह लड़ाई अब तक जारी है.

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