मल्टीनेशनल से दूर मिट्टी की महक दे रही है सुकून

Sep 25 2015 06:53 PM
मल्टीनेशनल से दूर मिट्टी की महक दे रही है सुकून

जीवन दिल्ली की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत था उसे वहां बढि़या घर, दफ्तर की ओर से कार और शानदार आॅफिस भी दिया गया था लेकिन वह इस आकर्षण से खुश नहीं था। उसने अपनी कंपनी से इस्तीफा दिया और अपने शहर रोहतक की ओर लौट गया। यहां उसने छोटा - मोटा काम किया लेकिन अब वह बहुत खुश है। यहां उसका पैकेज काफी कम है लेकिन वह अपने परिवार को काफी समय दे पा रहा है। अब उसे महानगरों की व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी से आजादी मिल गई है।

अब वह अधिक तनाव में नहीं रहता है। वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रहा है। अब वह बेहद खुश रहता है। जी हां, इन दिनों युवाओं द्वारा कुछ इस तरह की जीवन शैली अपनाई जा रही है। लोग अब बड़े शहरों की चमक से दूर अपनों के साथ पल बिताना चाहते हैं। अपने शहरों के पास सुकून भरा जीवन इन्हें रास आ रहा है। ऐसे में अधिक पैकेज का आकर्षण भी इन्हें प्रभावित नहीं कर रहा है। ये युवा अब बड़े शहरों के आकर्षण से दूर रहने लगे हैं।

ऐसे में इनका जीवन पहले से और सुखी होने लगा है। इस तरह की जीवन शैली इन युवाओं में अलग तरह के जीवन को ढाल रही है। इससे जहां छोटे शहरों का विकास हो रहा है वहीं परिवार में आपसी सामंजस्य बना हुआ नज़र आता है। ऐसे में टूटते - बिखरते परिवार से दूर लोग अपनों के बीच खुशी से रह पा रहे हैं। जिससे सामाजिक ताना बाना फिर से सौहार्द और प्रेममय वातावरण से महक रहा है। 

'लव गडकरी'