DM आवास से सटी दरगाह पर चला योगी सरकार का बुलडोज़र, सपा बोली - ये हमारी एकता तोड़ने की कोशिश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत मुल्लेशाह दरगाह पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई 15 मई 2022 (रविवार) को की गई थी। सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की जमकर तारीफ हो रही है। वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रशासन के इस कार्रवाई का विरोध कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एटा जिला के ADM प्रशासन ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

उन्होंने कहा है कि, 'दरगाह सुरक्षित रखी जाएगी, मगर उसके ऊपर जो कमरे बन रहे हैं उसे ध्वस्त कर दिया गया है। इस कमरे में लोगों ने रहना शुरू कर दिया था।' वहीं सपा ने प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध किया है। दिबियापुर से सपा MLA प्रदीप यादव ने कहा है कि, 'हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले की जाँच की है। हम इस कार्रवाई का विरोध करते हैं। इसकी जाँच रिपोर्ट हमारे मुखिया को सौंपी जाएगी। साथ ही इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा।' सपा के एटा जिलाध्यक्ष परवेज जुबैरी ने भी इस कार्रवाई को गलत ठहरया है। उन्होंने कहा कि, 'बहुत गलत काम हुआ है ये। ऐसा नहीं होना चाहिए। ये हमारी एकता को तोड़ने की कोशिश है।'

बता दें कि मुल्लेशाह की दरगाह पर प्रत्येक गुरुवार को मेला लगता था। मेले में चादर आदि की बिक्री होती थी, जिसको चढ़ाने और अगरबत्ती जलाने पर मन्नत पूरी होने जैसी बातें कही जाती थी। यहाँ का केयर टेकर सोनू कुमार नामक शख्स को बनाया गया था। यह दरगाह कितनी पुरानी है, आज स्पष्ट नहीं है। मगर केयरटेकर इसे 100 साल पुराना बता रहे हैं।  वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि, यह दरगाह एटा में जिला जज के आवास के बिलकुल सामने स्थित थी, साथ ही यह दरगाह DM बंगले की बॉउंड्री से भी लगी हुई थी। पहले दरगाह छोटी सी थी जो बाद में आसपास अवैध अतिक्रमण कर बड़ी हो गई थी।

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