उत्तर प्रदेश : 16.40 लाख लोगों को जल्द मिल सकता है रोजगार

लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बहुत मजबूत भूमिका सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की है. लॉकडाउन के दौरान भी 16.40 लाख लोगों को रोजगार देने वाली एमएसएमई इकाइयों पर ही भविष्य का बड़ा दारोमदार है. सीधे-सीधे करीब तीन करोड़ रोजगार इससे जुड़े हैं, जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित विशेष आर्थिक राहत पैकेज बूस्टर का काम कर सकता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उम्मीद जताई है कि एमएसएमई के जरिए भारत ग्लोबल इकॉनामी बनेगा.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कोरोना के संकट काल में औद्योगिक-आर्थिक गतिविधियां काफी प्रभावित हुई हैं. अब धीरे-धीरे उद्योगों को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है. इन हालात में एक प्रयास नई इकाइयों की स्थापना का है तो सरकार की चिंता पहले स्थापित इकाइयों के सामने आए वित्तीय संकट को लेकर भी थी. इसी बीच केंद्र सरकार ने एमएसएमई सेक्टर के लिए तीन लाख करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित कर दिया है.

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अपने बयान में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस फैसले से एमएसएमई सेक्टर में एक नई जान आएगी और भारत निश्चित ही ग्लोबल इकॉनॉमी के रूप में उभरेगा.उत्तर प्रदेश में एमएसएमई की सर्वाधिक यूनिट हैं. ऐसे में प्रदेश में इस सेक्टर से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से जुड़े लगभग तीन करोड़ लोगों को एक नई ताकत मिलेगी. उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को ताकत मिलने से प्रधानमंत्री की लोकल को ग्लोबल बनाने की मुहिम को दिशा मिलेगी.

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