नारियल उत्पादन में कमी, दिखेगा भाव पर असर

मानसून में कमजोरी बनी हुई है और इस कारण फसलों की पैदावार को भी नुकसान होने के कयास लगाये जा रहे है. इसके साथ ही अब कोकोनट डेवलपमेंट बोर्ड(CDB) ने भी यह अंदेशा जताया है कि दक्षिण-पश्चिम में मानसून के सामान्य रहने के कारण नारियल के उत्पादन में भी गिरावट बनी रहेगी. यही नहीं उन्होंने यह भी कहा है कि नारियल के उत्पादन में 10 फीसदी की गिरावट बनी रह सकती है. नारियल का उत्पादन 2014-15 के दौरान 1950.30 करोड़ नग रहा था.

जबकि आंध्र प्रदेश की बात करें तो यहाँ नारियल का उत्‍पादन गत साल के उत्‍पादन 85.1 करोड़ नग के मुकाबले 40 प्रतिशत कम होने की सम्भावना जताई जा रही है. जबकि यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कर्णाटक और केरल में यह क्रमशः 24 और 15 प्रतिशत कम होने का अनुमान है. इसके विपरीत तमिलनाडु में इसके उत्पादन में 4 प्रतिशत बढ़ोतरी की सम्भावना है. यह कहा जा रहा है कि इन चारों राज्यों में देश के कुल कुल नारियल का 93 प्रतिशत उत्पादन होता है. यह भी सामने आ रहा है कि बारिश की वजह से कम उत्पादन का असर नारियल के भाव के रूप में भी सामने आ सकता है.

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