भीषण गृहयुद्ध की चपेट में यमन, महज दो दिन में 130 से अधिक लोगों की मौत

एडेन: यमन में सरकार समर्थित लड़ाकों और हूती विद्रोहियों के बीच जारी लड़ाई में दो दिन के अंदर 130 से अधिक लोगों की जान चली गई है. मरने वालों में ज्यादातर विद्रोही हैं. इस बात की जानकारी अधिकारियों ने दी है. ताजा लड़ाई मारिब शहर को लेकर हो रही है, जिसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. लगभग दो सप्ताह पूर्व इस जंग में 50 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी. अमेरिका वर्षों से जारी यमन युद्ध को खत्म करने का पूरा प्रयास कर रहा है. लेकिन इन कोशिशों के बाद भी संघर्ष में बिल्कुल कमी नहीं आ रही है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलीवान (Jake Sullivan) ने इस मसले को सुलझाने के लिए सऊदी अरब भी गए थे. इस दौरान उन्होंने सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की थी. बता दें कि यमन में वर्ष 2014 से गृह युद्ध के हालात बने हुए हैं. उस समय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने देश की राजधानी सना और देश के अधिकतर उत्तरी हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया था.

हूतियों के कब्जे के बाद यमन के राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी (Abd-Rabbu Mansour Hadi) और उनकी सरकार के अधिकारी पहले उत्तरी हिस्से की ओर भागे और इसके बाद ये लोग सऊदी अरब चले गए. इसके बाद सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में यमन युद्ध में एंट्री ली. इस गठबंधन को अमेरिका का समर्थन भी प्राप्त हुआ, इन्होंने मिलकर मंसूर हादी की मान्यता प्राप्त सरकार को यहां लाने के लिए हूतियों के खिलाफ जंग शुरू कर दी. हालांकि जो बाइडेन ने अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद यमन युद्ध से US को बाहर कर लिया है.

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