शून्य से निचे पहुंची थोक मूल्य मुद्रास्फीति

Feb 15 2016 05:20 PM
शून्य से निचे पहुंची थोक मूल्य मुद्रास्फीति

नई दिल्ली: जनवरी में थोक मूल्य मुद्रास्फीति में चार महीने से चल रहा तेजी का सिलसिला टूट गया और आलोच्य माह में यह घटकर शून्य से 0.9 प्रतिशत नीचे आ गया. थोक मुद्रास्फीति में नरमी का कारण खाद्य उत्पादों, मुख्य तौर पर सब्जियों और दलहन का सस्ता होना है. थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर में शून्य से 0.73 प्रतिशत नीचे रही थी. जनवरी 2015 में यह शून्य से 0.95 प्रतिशत नीचे पहुंच गई थी. आपको बता दे की नवंबर 2014 से यह लगातार 15वां महीना है जबकि मुद्रास्फीति शून्य से नीचे रही है.

आज जारी आधिकारिक आंकडों के अनुसार थोक मूल्यों पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी माह में 6.02 प्रतिशत रही जो कि दिसंबर माह में 8.17 प्रतिशत पर थी. दाल दलहनों और प्याज के मामले में मुद्रास्फीति घटकर क्रमश: 44.91 प्रतिशत और 5.51 प्रतिशत रही है.वही जनवरी माह में सब्जियों के थोक 12.52 प्रतिशत ( मूल्य सालाना आधार पर ) उंचे रहे जबकि फलों के थोक मूल्यों का स्तर साल भर पहले से 2.32 प्रतिशत नीचे ही रहा. आलू के दाम 17.08 प्रतिशत नीचे रहे जबकि अंडे, मांस एवं मछली में 5.69 प्रतिशत महंगे रहे.

ईंधन एवं बिजली खंड में मुद्रास्फीति शून्य से 9.21 प्रतिशत नीचे और विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर शून्य से 1.18 प्रतिशत नीचे रही. संशोधित अनुमानों में नवंबर की थोक मुद्रास्फीति शून्य से 2.04 प्रतिशत तक नीचे रही. प्रारंभिक अनुमानों में मुद्रास्फीति शून्य से 1.99 प्रतिशत नीचे थी. पिछले सप्ताह जारी खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े जनवरी में लगातार छठे महीने से बढ कर डेढ़ साल के उच्चतम स्तर 5.69 प्रतिशत पर पहुंच गए.