विश्व हिंदी सम्मेलन : बजट था 15 करोड़ का और खर्च कर दिए 30 करोड़

भोपाल/मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संपन्न हुए दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन में आने वाले महानुभावो की सेवा व खातिरदारी में बहुत पैसा व्यय हुआ, खबर है की विश्व हिंदी सम्मेलन पर तय रकम से दोगुना पैसा खर्च करने की बात सामने आई है, इस आयोजन पर तीस करोड़ रूपये से अधिक खर्च हो गया है, अब मध्यप्रदेश सरकार को पैसा चुकाने में पसीना आ रहा है. इस सम्मेलन का बजट 15 करोड़ रुपए था व विदेश मंत्रालय ने सम्मेलन के लिए 10 से 15 करोड़ रुपए का बजट रखा था. खबर है की 15 करोड़ रुपए तो आने वाले महानुभावो को खाना खिलाने की पूर्ति में ही व्यय हो गए है. इसके लिए एमपी सरकार को 12 करोड़ रुपए दे भी दिए गए थे. तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन में मेहमानो को 18 हजार थाली खाना खिलाया है.

डिनर थाली जिसका मूल्य 800 रूपये था व नाश्ते के लिए 250 रुपए प्रति प्लेट थी. तथा लंच के लिए पर थाली 600 रुपए थी. 4 करोड़ एसी टैक्सी और होटल पर खर्च हुए है. विदेश मंत्रालय ने जितना बजट रखा था, उतना तो सम्मेलन वाली जगह पर टेंट लगाने में खर्च हो गया, वीके सिंह ने कहा था की अगर ज्यादा बजट होगा तो विदेश मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार मिलकर भुगतान करेंगे. अनिल वाधवा जो की विदेश मंत्रालय के सचिव है उन्होंने कहा की मुझे इस बात की कोई जानकारी नही है व अगर ऐसा हुआ है तो बातचीत कर इसका हल खोजा जाएगा. बता दें कि भोपाल में 10 से 12 सितंबर को विदेश मंत्रालय और एमपी सरकार की ओर से विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था। 

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