आखिर क्यों मनाया जाता है विश्व एड्स वैक्सीन दिवस ?

आज यानी 18 मई को विश्व एड्स वैक्सीन दिवस मनाया जा रहा है. इस दिन को एचआईवी वैक्सीन जागरूकता दिवस के रूप में भी जाना जाता है. एचआईवी एड्स हमारे समाज में एक सतत स्वास्थ्य समस्या है. अभी तक अभी भी कोई ज्ञात टीका नहीं है जिसका उपयोग इस घातक संक्रमण के प्रवाह को रोकने के लिए किया जा सकता है. टीके की निरंतर आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल एक दिन अलग किया जाता है जिसे एचआईवी टीका जागरूकता दिवस या विश्व एड्स दिवस के रूप में जाना जाता है. यह हर साल 18 मई को आयोजित होता है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह दिन कई स्वयंसेवकों, सामुदायिक सदस्यों, स्वास्थ्य पेशेवरों और वैज्ञानिकों को धन्यवाद देने का अवसर प्रदान करता है जो रोकथाम के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी एचआईवी वैक्सीन खोजने के लिए काम कर रहे हैं और शोध कर रहे हैं. सम्पूर्ण विश्व में 18 मई को विश्व एड्स टीका दिवस मनाया जाता है. पहला विश्व एड्स टीका दिवस 18 मई 1998 को मनाया गया था. इस दिवस पर भारत ने एड्स का टीका विकसित करने के प्रति अपनी वचनबद्धता दोहराई और साथ ही टीके की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. 

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अगर आपको नही पता तो बता दे कि 68 प्रतिशत भारतीयों को एडल्ट वैक्सीनेशन के बारे में मालूम नहीं है. इस अध्ययन में शामिल हुए ज़्यादातर लोगों को सिर्फ यही मालूम है कि टीकाकरण यानी वैक्सीनेशन बच्चों के लिए ही होता है.

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