विश्व बैंक का खुलासा: नौकरी करने के लिए महिलाओं को लेनी पड़ती है पति से इजाजत

वॉशिंगटन : विदेश जगत से खबर आ रही खबर के मुताबिक विश्व विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष जिम योंग किम ने ‘महिला, कारोबार और कानून 2016’ रिपोर्ट जारी करने के बाद अपने बयान में दोहराया की कई देशो में क़ानूनी बाधाओं के कारण कम उन्नतिशील महिलाओ को निश्चित नौकरियां छोड़नी पड़ती हैं व 8 देशों में महिलाओं को नौकरी करने के लिए अपने पति से मंजूरी लेना जरूरी होता है. यह काफी गलत है तथा उन्नतिशील महिलाओ पर यह एक घोर अन्याय है. तथा समाज ने महिलाओं के नौकरी पाने की उनकी क्षमता या आर्थिक जीवन में उनकी भागीदारी पर कानूनी प्रतिबंध लगा दिया है. किम ने कहा की महिलाएं भी अपने सामर्थ्य की पूर्ति के लिए हर मौका पाने की हकदार हैं, चाहे वे कहीं भी रहें, तथा महिलाओ की नौकरी में रोड़ा अटकाने वाले कानूनों की पड़ताल करती रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है की 18 देशों में वे अपने पति की इजाजत के बगैर नौकरी नहीं कर सकतीं। 

रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी से पुरुषों को सीमित कर दिया जाता है, क्योंकि केवल आधी अर्थव्यवस्थाएं ही पितृत्व अवकाश देती हैं और इनमें से एक तिहाई ही मातृत्व-पितृत्व अवकाश देती हैं। विश्व बैंक ने कहा कि 30 देशों में विवाहित महिलाएं यह चुनाव नहीं कर सकतीं कि उन्हें कहां रहना है और 19 देशों में वे अपने पति का आदेश मानने के लिए कानूनन बाध्य होती हैं। तथा विकासशील देशो में महिलाओ के साथ हो रहे इस भेदभाव पर विश्व बैंक के उपाध्यक्ष और प्रमुख अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने भी गंभीर चिंता व्यक्त की है. व इसके उपाय की बात को दोहराया है.   

 

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