पोर्न के खिलाफ उतरा महिला वकील संगठन

Sep 27 2015 02:17 PM
पोर्न के खिलाफ उतरा महिला वकील संगठन

नई दिल्ली : भारत में पोर्न और सेक्स सदैव से ही चर्चा का विषय रहा है। इसे लेकर सरकार और न्यायपालिका में भी तनातनी होती रही है। दूसरी ओर सामाजिक स्तर पर खुले तौर पर इसका विरोध किया जाता है तो व्यक्तिगततौर पर लोग इसे दबे-छुपे तरीके से अपनाते भी हैं। कुछ दिनों पहले सरकार ने पोर्न साइट पर प्रतिबंध लगाया भी था, लेकिन लोगो के विरोध के कारण सरकार ने अपने ही निर्णय से पीछे हटते हुए 857 पाॅर्न साईट्स पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया गया। मगर अब फिर से इन साईट्स पर बैन की मांग की जा रही है।

महिला वकीलों के एक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट से अश्लील सामग्री मुहैया कराने वाली सभी वेबसाइट्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। महिला वकीलों को कहना रहा कि स्थिति बेहद चिंताजनक है। स्कूली बच्चों तक पाॅर्न क्लिप पहुंच रही है। स्कूली बच्चे इंटरनेट के इस तरह के प्रयोग के आदी बन रहे हैं।

महिला वकीलों के अनुसार देश में महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। महिला वकीलों के संगठन ने अश्लील वेबसाइट्स पर प्रतिबंध के लिये इंदौर के वकील कमलेश वासवानी की लंबित याचिका में पक्षकार बनाने का अनुरोध किया है.