विप्रो पर भारतीय मूल की महिला ने किया 1 मिलियन पाउंड्स का मुकदमा

नई दिल्ली : भारतीय मूल की 40 वर्षीय श्रेया उकिल ने विप्रो पर ब्रिटिश ट्राइब्यूनल में मुकदमा दायर किया था. जिसमे उनके द्वारा कंपनी पर "लैंगिक भेदभाव, असमान तनख्वाह और अत्याचार" आरोप लगाए गए थे. वह विप्रो के लंदन ऑफिस में सेल्स एंड मार्केट डेवलेपमेंट मैनेजर थी.

श्रेया का दावा है की उन्होंने यह मुकदमा जीत लिया है. उनके वकील कील स्लेटर गॉर्डन ने एक बयान में कहा, "विप्रो लीडरशिप टीम, जिसमें उस समय के चीफ एक्जीक्यूटिव टीके कुरियन भी शामिल हैं, उन्होंने उकिल को उसके ब्रिटेन में रोल और नौकरी से बाहर निकालने के लिए षडयंत्र रचा, उकिल को लैंगिक भेदभाव, असमान तनख्वाह और सेक्सिज़्म के खिलाफ बोलने पर विप्रो के नेतृत्व ने परेशान किया."

श्रेया और उनके 54 वर्षीय सीनियर मनोज पुंजा को कंपनी द्वारा एक आंतरिक जाँच के बाद निकल दिया गया था, कंपनी का कहना था की, " दोनों रिलेशनशिप में थे, कंपनी की पालिसी के तहत दोनों को कंपनी को इस बारे में जानकारी देना थी, लेकिन दोनों ने ऐसा नहीं किया."

वही श्रेया का कहना है की उन्हें मनोज के साथ रिलेशनशिप के लिए मजबूर किया गया था. जबकि मनोज पुंजा शादीशुदा हैं और उस समय बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) ऑफिस में हेड थे.

श्रेया द्वारा विप्रो में करीब 10 साल तक काम किया गया. इस दौरान उन्होंने अपनी काबिलियत के बलबूते कंपनी को कई मिलियन डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट्स दिलवाए. साथ ही उन्होंने कई परफॉर्मेस अवार्ड्स भी अपने नाम किये.

श्रेया ने बैंगलुरु की आउटसोर्सिंग फर्म पर इन आरोपों में अक्टूबर 2015 में मुकदमा दायर किया था. जिसमें उन्होंने हर्जाने के रूप में 1 मिलियन पाउंड्स (9.63 करोड़ रुपए) की मांग की थी. उनका दावा है की उन्होंने यह मुकदमा जीत लिया है.

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