45 साल बाद पता चला कि जिस पति के लिए आंसू बहा रही, वो तो जिंदा है

तरनतारन : 45 साल में जिंदगी के कई पखवाड़े गुजर जाते है। दिसंबर 1971 में जिस पति को खो दिया था, वो 45 साल बाद जिंदा मिला, तो आंखो में आंसू के सिवा और कुछ थम न सका। हरबस कौर के पति बलविंदर सिंह भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गए थे। सेना ने उन्हें तार भेजकर इसकी सूचना दी थी। तब से उन्होने परिवार को अकेले ही संभाला।

अब 45 साल बाद उन्हें पता चला है कि उनके पति पाकिस्तान के लखपत राय जेल में कैद है। यह जानकारी उन्हें पाक जेल से लौटे कुछ भारतीयों ने दी। अब वो अपनी इकलौती बेटी बलजिंदर के साथ मिलकर पति को वापस लाने की मुहिम में जुट गई है।

उन्होने इसके लिए विदेश मंत्रालय से लेकर स्थानीय प्रशासन तक को खत लिखा है। वो खुद अब 68 साल की हो गई है। बकौल हरबंस उनके पति सिख रेजीमेंट में सिपाही थे। 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध में उनके पति ने भी हिस्सा लिया। इसके बाद सिख रेजीमेंट से उन्हें एक तार मिला, जिसमें उनके मौत की खबर थी, लेकिन आज तक न तो बलविंदर का शव और न ही अस्थियां उनके परिवार वालों को सौंपी गई थी। इसलिए मन के कोने में एक उम्मीद तो जिंदा थी।

बलजिंदर कौर ने कहा कि उन्हें कई सालों से अपने पिता के पाकिस्तान की जेल में बंद होने की खबर मिलती रही है। लेकिन गरीब व अकेली होने के कारण कुछ नहीं कर सकीं। जब भी पाकिस्तान द्वारा भारतीय कैदियों को रिहा करने की बात कही जाती तो वह अपनी मां हरबंस कौर को साथ लेकर अटारी बॉर्डर पर जाती। लेकिन हर बार मायूस होकर लौटना पड़ता। जिला सैनिक भलाई के कर्नल अमरबीर सिंह चाहल ने कहा कि अगर ऐेसा कोई केस आया तो वह जरूर जांच करवाएंगे और बलविंदर सिंह को भारत लाने की हर कोशिश की जाएगी।

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -