मंदिर में प्रवेश करने के पहले, क्यों उतारे जाते है जूते-चप्पल ?

Nov 15 2016 10:26 AM
मंदिर में प्रवेश करने के पहले, क्यों उतारे जाते है जूते-चप्पल ?

यह बात तो आप सभी जानते ही है की मंदिर में जाने से पहले जूते चप्पल उतारने जरुरी होते है लेकिन इन्हें क्यों उतारा जाता है यह बात आप नहीं जानते होंगे। चलिए आज हम आपको बताए है की मंदिर में जाने से पहले आखिर जूते चप्पल क्यों उतारे जाते है ? धर्मात्मा लोगो का कहना है की हम जो जूते चप्पल पहनते है उनमे रज और तम धातु होती है जोकि नरक (पाताल) से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर समा लेती है।

जबकि मंदिर के आस पास भगवान के प्रभाव से सकारात्मक ऊर्जा होती है जोकि माहौल को अच्छा बनाए रखती है। ऐसे में अगर इंसान जूते चप्पल पहनकर अंदर जाने लगा तो नकारात्मक ऊर्जा भी मंदिर के अंदर प्रवेश कर जाएगी जिससे माहौल दूषित होगा।

यह तो इक कारण था जबकि दूसरा कारण भी है वो यह है कि मंदिर के अंदर जूते- चप्पल ले जाएंगे तो चारो तरफ डस्ट पार्टिकल फ़ैल जायेंगे जिससे नकारात्मक ऊर्जा वातावरण में फ़ैल जाएगी। इसीलिए मंदिर में नागे पेअर ही जाना चाहिए क्योंकि इससे मन और तन में शीतलता बनी रहती है।

कुछ आदते बना सकती है आपको बेकार पेरेंट्स

नहाते वक़्त इन बातो का रखे ध्यान

किन चीजो से करे शिवजी का अभिषेक