आखिर क्यों मनाया जाता है विश्व दूरसंचार दिवस

आज यानी 17 मई को दुनियाभर में ‘विश्व दूरसंचार दिवस’ सेलिब्रेट किया जा रहा है. वर्ष 2018 विश्व दूरसंचार दिवस का विषय- “सभी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक उपयोग को सक्षम करना” था.  इतना ही नहीं यह दिन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ की स्थापना और वर्ष 1865 में पहले अंतर्राष्ट्रीय टेलीग्राफ समझौते पर हस्ताक्षर होने की स्मृति में मनाया जाता है. 

महासभा ने मार्च 2006 में एक प्रस्ताव (ए/आरईएस/60/252) को अपनाया, जिसमें कहा गया है कि विश्व सूचना समाज दिवस 17 मई को हर वर्ष  सेलिब्रेट किया जा रहा है. बता दे कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सुलभ कराना है. इस दिन सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के फायदों के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की जाती है.

अगर आपको नही पता तो बता दे कि  ‘दूरसंचार क्रांति’ गरीब देश में हुई एक ऐसी क्रांति है, जिसने न केवल देश की छवि बदली बल्कि देश के विकास से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की यह प्रत्यक्षदर्शी रही. आज जिस आसानी से हम अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कई ऐसे कार्य कर लेते हैं, जिसके लिए कुछ साल पहले काफ़ी मशक्कत करना पड़ती थी. दूरसंचार क्रांति की बदौलत ही भारत की गिनती आज विश्व के कुछ ऐसे देशों में होती है, जहाँ आर्थिक समृद्धि में इस क्रांति का बड़ा योगदान रहा है. आज हम दूरसंचार के मामले में काफ़ी आगे निकल चुके हैं. थ्री-जी और फोर-जी टेक्नोलॉजी पर सवार भारत तेज गति से आगे बढ़ता जा रहा है. इस क्रांति के कारण न केवल अन्य क्षेत्रों में फर्क पड़ रहा है, बल्कि ग्रामीण भारत भी टेक्नोलॉजी से लबरेज होता जा रहा है. आज भारत के कई किसान हाईटेक हो रहे हैं. फसलों के बारे में वे इंटरनेट से जानकारी ले रहे हैं. एसएमएस से रेलवे रिजर्वेशन की जानकारी मिल रही है. भारत इस क्रांति को अगले चरण पर ले जाने की तैयारी कर रहा है.

दावोस में डब्ल्यूईएफ की बैठक में तमिलनाडु के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे स्टालिन

कोलोराडो जंगल में आग लगने के कारण कई घर हुए खाक, लोगो को सुरक्षित बाहर निकला गया

अमेरिकी सीनेट ने फेड अध्यक्ष के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए जेरोम पॉवेल की पुष्टि की

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -