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क्यों भटकता है मानव मन, चाहते है एकाग्रता तो.......

क्यों भटकता है मानव मन, चाहते है एकाग्रता तो.......

आज इस दुनियाँ में बहुत से लोग ऐसे है जिनके मन में स्थिरता नहीं है वे किसी भी कार्य को आरम्भ तो कर देते है पर भटकते मन के कारण उनका यह कार्य सिध्द नहीं हो पाता उसका मुख्य कारण ही आपने मन की एकाग्रता न होना .

मन में एकाग्रता न होने की वजह से मानव किसी भी कार्य को करने न करने का उचित निर्णय ही नहीं ले पाता और उसका वह समय व्यर्थ चला जाता है जिस समय में वह उस कार्य को प्रारम्भ करना चाहता था .

नौकरी के लिए भी हम सोचते रह जाते है कि हम किस  फील्ड को चुनें , किसमें भविष्य बेहतर है . आम तौर हम निर्णय तो ले लेते है पर मन की एकाग्रता न होने की वजह से विचलित होकर फिर किसी अन्य फील्ड (क्षेत्र )की और अपना ध्यान लगाते है .और स्थिरता न होने की वजह से उसमें भी असफल हो जाते है .इन तमाम बातों को लेकर आदि आप जीवन में एकाग्रता चाहते तो वास्तु के इन नियमों को अपनाएँ 

आपके अध्ययन का कक्ष हमेशा घर में पश्चिम या ईशान कोण में ही होना चाहिए .घर के नैऋत्य व आग्नेय कोण में बैठकर कभी भी पढ़ाई न करें.
अध्ययन करते समय आपकी पीठ दरवाजे की तरफ नहीं होनी चाहिए. ध्यान रखें पढ़ते समय मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर ही हो

आप जिस भी रूम में अध्ययन करते है उस रूम की दीवारों को पीले, क्रीम या नार्मल ब्राइट रंगों से पेंट होना चाहिए.ऐसे में आपकी एकाग्रता बनी रहेगी.अध्ययन कक्ष में साफ सफाई जरूरी है इस कक्ष में दौड़ते घोड़ों, और प्रेरक वाक्यों की तस्वीर  लगाने से मन में एकाग्रता बनी रहती है .

इस संसार का कोई भी मानव यदि अपने मन में एकाग्रता, शांति और सुखद दिनचर्या व्यतीत करना चाहता है तो भगवान का स्मरण अवश्य करे उसके जीवन से समस्याओं ली डोर टूट जाएगी और वह सुखद जीवन व्यतीत करेगा